मुंबई। संजय लीला भंसाली की फिल्म पद्मावती के खिलाफ मुंबई के आजाद मैदान में 20 नवंबर को विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। बीजेपी विधायक राज पुरोहित की अध्यक्षता में भारतीय इतिहास एवं सांस्कृतिक रक्षक मंच की विस्तारित बैठक हुई। इस बैठक में राजस्थान, गुजरात, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, बिहार व हरियाणा के प्रतिनिधि विशेष रूप से उपस्थित थे। बैठक में आरोप लगाया कि भंसाली ने फिल्म में इतिहास को तोड़- मरोड़ कर पेश किया है।
भंसाली हमेशा से भारतीय संस्कृति को कलंकित करने वाले ऐतिहासिक प्रसंगों को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के नाम पर दिखाने का प्रयत्न करते हैं। मंच की मांग है कि भंसाली रानी पदमिनी के सभी अवांक्षित दृश्यों को फिल्म से हटाएं व देश की जनता से माफी मांगें। इसके विरोध में 20 नवंबर को आजाद मैदान पर दोपहर 1 बजे धरने का आयोजन किया गया है। भाजपा उपाध्यक्ष आर.यू. सिंह ने कहा कि यह फिल्म समाज की भावनाओं के साथ खिलवाड़ है।
प्रसिद्ध इतिहासकारों को बिना दिखाए फिल्म नहीं चलने दी जाएगी। इस मामले को लेकर एक शिष्टमंडल सेंसर बोर्ड चेयरमैन से भी मिलेगा। बैठक में पारू सिंह, राजपुताना सेवा संघ की सुमिता सुमन सिंह, राजस्थान राजपूत परिषद के रतन सिंह, राजेंद्र सिंह चंपावत, आकाश राजपुरोहित ,मराठा समाज के सुरेश ढोबले, नितिन गवांदे व नरेंद्र सिंह मौजूद थे। फिल्म पद्मावती में रानी पद्मिनी का रोल निभाने वाली एक्ट्रेस दीपिका पादुकोण ने कहा है कि तमाम विरोधों के बावजूद फिल्म हर हाल में रिलीज होगी।
उन्होंने कहा कि इस फिल्म को कोई भी रोक नहीं सकता है। एक महिला होने के नाते मैं इस फिल्म में काम कर गर्व महसूस कर रही हूं। उन्होंने फिल्म का विरोध करने वालों के बारे में कहा कि एक देश के नाते हम कहां पहुंच गए हैं? हम आगे बढ़ने की बजाय पीछे होते जा रहे हैं। दीपिका ने कहा कि हम सिर्फ सेंसर बोर्ड के प्रति जवाबदेह हैं। हम सब को सेंसर बोर्ड के फैसले का सम्मान करना चाहिए।
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