संवाददाता/ मुंबई। मुंबई के आरे कॉलोनी (Aarey Colony) में आज भी एक तरफ पेड़ों की कटाई हो रही और दूसरी तरफ पेड़ कटाई के विरोध में भारी प्रदर्शन जारी है। अब तक कुल 1800 से अधिक पेड़ काटे जा चुके हैं। इसके विरोध में आज 80 साल के ऑगस्टिन महात्मा गांधी का रूप धारण कर आरे कॉलोनी पहुंचे। उन्होंने कहा कि आज अगर गांधीजी खुद हमारे बीच होते और आरे के मौजूदा हालात को देखते तो उन्हें बेहद दुख होता। प्रदर्शन स्थल पर भारिप बहुजन महासंघ के नेता और डॉ. भीमराव अंबेडकर के पोते प्रकाश अंबेडकर भी पहुंचे।
पेड़ मुंबई मेट्रो रेल निगम लिमिटेड (एमएमआरसीएल) द्वारा काटे जा रहे हैं। कई दिनों से आरे में प्रदर्शनकारी डटे हैं। शनिवार को प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प भी हुई। जिसके बाद पुलिस ने छह महिलाओं सहित 29 लोगों को गिरफ्तार किया। साथ ही पुलिस ने पूरे इलाके में धारा 144 लगा दी।
शनिवार को घटनास्थल पर एनसीपी के विधायक जितेंद्र अव्हाड, शिवसेना नेता प्रियंका चतुर्वेदी, शिवसेना नेता और पूर्व मेयर शुभा राउल सहित कई लोगों को हिरासत में लिया गया। पुलिस ने बताया कि सीआरपीसी की विभिन्न धाराओं के तहत 38 प्रदर्शनकारियों पर मामला दर्ज किया गया, जबकि कम-से-कम 60 लोगों को हिरासत में लिया गया है।
विधानसभा चुनाव के लिए सरगर्मियां तेज होने के कारण इस मुद्दे ने राजनीतिक रंग भी ले लिया है। विपक्षी दल सत्तारूढ़ बीजेपी और शिवसेना को पेड़ों को बचाने में उनकी ‘‘नाकामी’’ के लिए जिम्मेदार ठहरा रहे हैं। इस बीच, हरित कार्यकर्ताओं को लगातार दूसरे दिन झटका लगा जब बंबई हाईकोर्ट ने कार शेड के लिए मुंबई के प्रमुख हरित क्षेत्र आरे कॉलोनी में पेड़ों की कटाई पर रोक लगाने से शनिवार को इनकार कर दिया।
कुछ हरित कार्यकर्ताओं ने शनिवार को नयी याचिका दायर कर मुंबई मेट्रो रेल कॉरपोरेशन लिमिटेड (एमएमआरसीएल) द्वारा इलाके में 2656 पेड़ों को काटे जाने पर रोक लगाने की मांग की थी। इससे एक दिन पहले हाईकोर्ट ने बृहंमुंबई महानगरपालिका के वृक्ष प्राधिकरण के पेड़ों को काटने की अनुमति देने के फैसले को चुनौती देने वाले गैर लाभकारी संगठनों और कार्यकर्ताओं की चार याचिकाओं को खारिज कर दिया था।
कार्यकर्ता इस फैसले पर रोक लगाने की मांग कर रहे थे ताकि वे सुप्रीम कोर्ट का रुख कर सकें। एमएमआरसीएल ने शुक्रवार देर रात को पेड़ काटने शुरू कर दिए थे। उसकी इस कार्रवाई का हरित कार्यकर्ताओं ने कड़ा विरोध किया। कार्यकर्ताओं ने दलील दी कि उच्चतम न्यायालय में सोमवार को अपील दायर की जाएगी लेकिन तब तक एमएमआरसीएल कॉलोनी में सभी पेड़ काटे जो चुके होंगे।
एमएमआरसी की प्रबंध निदेशक अश्विनी भिड़े ने ट्वीट कर कहा कि कार्यकर्ताओं को अदालत में अपनी हार को स्वीकार करना चाहिए। उन्होंने कहा, ‘‘गलत प्रचार किया जा रहा है कि वेबसाइट पर अपलोड होने वाले वृक्ष प्राधिकरण के आदेश के बाद 15 दिनों के नोटिस की आवश्यकता है। यह बिल्कुल निराधार है। उच्च न्यायालय के फैसला आने तक इस पर काम शुरू करने का इंतजार था।’’ मेट्रो-3 लाइन (कोलाबा-बांद्रा-सीप्ज़) के लिए प्रस्तावित कार शेड आरे कॉलोनी के दक्षिणी हिस्से में 33 हेक्टेयर क्षेत्र पर बनेगा।
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