मुंबई। वाशीनाका के दारूल उलूम कादरिया बरकातिया मदरसा से इस वर्ष सात बच्चों ने मुकम्मल हिफ्ज़ कर लिया है। इस खुशी में मदरसा द्वारा दस्तारबंदी का भव्य कार्यक्रम किया गया। इस मौके पर मदरसा के सदर जनाब सैय्यद महबूब, सेक्रेटरी सैय्यद आसिफ और इमाम मौलाना फखरूल हसन, कारी यार मोहम्मद, कारी मुकर्रम अली, कारी शौकत अली, विशेष अतिथि हनफिया रिजविया कोलाबा और कारी अब्दुल कादर मौजूद थे।
खबर के मुताबिक दशकों से चल रहे चेंबूर के आरसी मार्ग पर स्थित वाशीनाका के सुन्नी जामा मस्जिद में दारूल उलूम कादरिया बरकातिया मदरसा भी चलाया जाता है। इस मदरसे में देश के विभिन्न राज्यों से गरीब व अनाथ बच्चे उर्दू और अरबी की शिक्षा लेने के लिए आते हैं। स्थानीय लोगों के सहयोग से चलने वाले इस मदरसे में करीब 35 से 40 बच्चे उर्दू, अरबी के अलावा हिंदी और अंग्रेजी की शिक्षा ले रहे हैं। इनमें सात बच्चों ने इस वर्ष हिफ्ज पूरा कर लिया है।
हाफिज बनकर निकले इन बच्चों को मदरसा की जानिब से काफी सराहना मिली। वहीं बेहतर शिक्षा लेने वाले इन बच्चों को हाफिज बनने का सर्टिफिकेट के अलावा साफा बांध कर नवाजा गया। इस मौके पर बड़ी संख्या में उर्दू, अरबी व दूसरे भाषाओं के जानकारों ने हिस्सा लिया। दस्तारबंदी में यहां के बच्चों ने एक से बढ़कर एक नात शरीफ पेश किया।
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