मुंबई। टिकट दलालों के खिलाफ विशेष मुहिम के तहत आरपीएफ ने एक दिन में में 186 दलालों को गिरफ्तार किया है। त्यौहारों के दौरान टिकटों की होनी वाली काला बाजारी पर रोक लगाने के लिए आरपीएफ ने 2 नवंबर को देश भर में एक साथ 100 शहरों में छापेमारी की। छापे के दौरान 186 दलालों के पास से 35 लाख 68 हजार मूल्य की टिकट जब्त की है। छापे में 1 हजार 268 फर्जी पर्सनल आईडी का भी पता चला है। जिसे डिएक्टिव कर दिया गया है। आरपीएफ के डायरेक्टर जनरल अरुण कुमार ने कहा कि 7 अक्टूबर से 15 नवंबर के दौरान 1 हजार 64 दलालों को गिरफ्तार किया गया है।
दलालों के पास से 7.34 करोड़ रुपए के टिकट जब्त किए गए हैं। रेलवे की संपत्ति चोरी करने वालों के खिलाफ भी विभाग ने मोर्चा खोल दिया है. वर्ष 2016 से अक्टूबर 2018 तक रेलवे की चोरी हुई 8.68 करोड़ की संपत्ति आरपीएएफ ने बरामद की है। वर्ष 2016 में 5 हजार 858 चोरों के पास से 3.41 करोड़ रुपए, वर्ष 2017 में 6 हजार 363 चोरों के पास से 2.62 करोड़ रुपए और वर्ष 2018 में 5 हजार 531 चोरों के पास से 2.63 करोड़ की रेलवे की वस्तुएं जब्त की है।
यात्रियों को सुरक्षा प्रदान करने वाली आरपीएफ ने तीन सालों के भीतर 30 हजार 922 बच्चों की सहायता की है। जिसमें घर से भागे, अपहरण किए हुए और गुमशुदा बच्चे शामिल है। अरुण कुमार के मुताबिक वर्ष 2016 में 8 हजार 93, वर्ष 2017 में 11 हजार 178 और 2018 अक्टूबर तक 11 हजार 151 बच्चों का मदद की गई है।
रेलवे के जरिए नशीले पदार्थों की तस्करी करने वालों के खिलाफ भी आरपीएफ ने मुहिम चलाई हुई है। इस वर्ष अब तक 18.85 करोड़ के नशीले व प्रतिबंधित पदार्थ जब्त किए गए है. वर्ष 2016 में 227 लोगों के पास से 18.27 करोड़, वर्ष 2017 में 313 लोगों के पास से 31.68 करोड़ रुपए की प्रतिबंधित वस्तुएं जब्त की गई है। चोरों को पकड़ने के साथ ही आरपीएफ यात्रियों के खोए हुए सामान को लौटाने में भी पीछे नहीं है। तीन सालों के दौरान विभाग ने 16 हजार 143 यात्रियों को उनका सामान लौटाया है।
आरपीएफ के 9 हजार 739 पदों के लिए 95.51 लाख लोगों ने आवेदन किया है। आरपीएफ में कांस्टेबल के 8 हजार 619 पद खाली है। इन पदों के लिए 76.60 लाख लोगों ने रजिस्ट्रेशन करवाया है। सब इंस्पेक्टर के 1 हजार 120 पदों के लिए 18.91 लोगों ने आवेदन किया है।
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