नई दिल्ली। कल यानी 17 जुलाई को राष्ट्रपति पद के चुनाव के लिए वोटिंग होनी है। यह देश का सबसे बड़ा चुनाव है। देश के प्रथम नागरीक के पद पर कौन बैठेगा इसका फैसला 20 जुलाई को होना तय है। एनडीए की ओर से बिहार के पूर्व राज्यपाल रामनाथ कोविंद चुनावी मैदान में हैं, वहीं यूपीए ने कांग्रेस नेता और लोकसभा की स्पीकर रह चुकीं मीरा कुमार को अपनी ओर से उतारा है। 25 जुलाई को देश के चीफ जस्टिस नए राष्ट्रपति को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाएंगे।
मुंबई दौरे पर आए भावी रष्ट्रपति कोविंद का हवाई अड्डे पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, केंद्रीय मंत्रियों नितिन गडकरी और रामदास अठावले और भारतीय जनता पार्टी के अन्य वरिष्ट नेताओं ने गर्मजोशी से स्वागत किया। इसके थोड़ी देर बाद बिहार के पूर्व राज्यपाल कोविंद ने समर्थन जुटाने के मकसद से एनडीए विधायकों और सांसदों के साथ दक्षिण मुंबई के गरवारे क्लब में आयोजित बैठक को संबोधित किया।
राष्ट्रपति पद के लिए एनडीए के उम्मीदवार रामनाथ कोविंद ने शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे से फोन पर बात कर अपनी उम्मीदवारी का समर्थन करने के लिए आभार प्रकट किया। कोविंद के महाराष्ट्र दौरे के कार्यक्रम में उपनगरीय बांद्रा स्थित ठाकरे का आवास ‘मातोश्री’ शामिल नहीं था, जिसको लेकर कई तरह के कयास लगाए जा रहे थे।
इस बार शुरुआत में कुछ हिचकिचाहट के बाद शिवसेना ने कोविंद को समर्थन देने का ऐलान किया। शिवसेना ने पहले राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत और प्रख्यात कृषि वैज्ञानिक एम एस स्वामीनाथन का नाम राष्ट्रपति पद के लिए सुझाया था, लेकिन एनडीए ने इन दोनों नामों पर विचार नहीं किया। भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने उद्धव ठाकरे के साथ लंबी बैठक की थी, जिसके बाद शिवसेना कोविंद को समर्थन देने के लिए राजी हो गई।
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