साभार/ नई दिल्ली। केरल में बारिश और बाढ़ ने भयंकर तबाही मचाई है। बारिश के कहर से यहां अब तक 180 लोगों की मौत हो चुकी है। ये सभी मौत 29 मई से लेकर अब तक हुई हैं। आने वाले दिनों में राहत के भी कोई आसार नहीं दिख रहे हैं, क्योंकि 14 अगस्त तक केरल के कई जिलों में भारी बारिश की आशंका है।
खुद गृहमंत्री राजनाथ सिंह पूरे हालात पर नजर बनाए हुए हैं। राजनाथ सिंह आज केरल के दौरे पर हैं, जहां पर्यटन मंत्री के.जी. अल्फोंस के साथ उन्हें बाढ़ प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वेक्षण करना है। वह केरल के मुख्यमंत्री पिनरई विजयन, राज्य सरकार के मंत्रियों, मुख्य सचिव, केंद्रीय एजेंसियों व राज्य प्रशासन के अन्य शीर्ष अधिकारियों से केंद्र सरकार की एजेंसियों व राज्य सरकार द्वारा चलाए गए राहत व बचाव और खोज अभियान का जायजा लेंगे।
केंद्र ने बाढ़ की स्थिति को देखते हुए त्रिशूर, एर्नाकुलम, अलप्पुझा, वायनाड, कोझिकोड और इडुक्की जिलों में एनडीआरएफ की 14 टीमें तैनात की है। ये टीमें चिकित्सा सहायता के साथ राहत सामग्रियों के वितरण का भी काम कर रही हैं। इसके साथ ही एनडीआरएफ की अन्य टीमें भी तैनात रखी गई हैं। अब तक 398 लोगों को बचाया गया है।
केरल में इडुक्की, एर्नाकुलम और त्रिशूर के इलाके बाढ़ के पानी से अभी भी डूबे हुए हैं, लेकिन शनिवार को बारिश नहीं होने से यहां रहने वाले हजारों लोगों ने राहत की सांस ली है। इसके साथ ही सरकार ने बाढ़ में अपनी घर और संपत्ति गंवाने वाले प्रत्येक परिवार को 10 लाख रुपये देने की घोषणा की है। इसके अलावा केरल के मुख्यमंत्री पिनरई विजयन ने इडुक्की, वायनाड और अन्य जिलों के बाढ़ प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वेक्षण किया। विजयन ने इसके साथ ही अपना घर गंवाने वाले को चार लाख रुपये की सहायता राशि देने की घोषणा की। बारिश न होने के परिणामस्वरूप पिछले कई दिनों से तबाही मचा रहा इडुक्की बांध का पानी कम होने लगा है।
राज्य के ऊर्जा मंत्री एम.एम. मणि ने कहा, “बीती रात से इडुक्की बांध और उसके आसपास बारिश कम हुई है, जिसके कारण बांध का जलस्तर भी कम हो गया है।” यहां हालात की समीक्षा के लिए पहुंचे मणि ने कहा, “अभी तक चीजें ठीक रही हैं और सबकुछ योजना के मुताबिक हो रहा है। बाढ़ द्वार के समीप पहुंचे पानी को चेरुथोनी पर रोक लिया गया, जिससे कोई बड़ा संकट खड़ा नहीं हुआ।”
मुख्यमंत्री विजयन के साथ विपक्ष के नेता रमेश चेन्निथला, राज्य के वन मंत्री पी. राजू, मुख्य सचिव टॉम जोस और केरल के पुलिस महानिदेशक लोकनाथ बेहरा ने शनिवार सुबह तिरुवनंतपुरम से हेलीकॉप्टर द्वारा सबसे अधिक प्रभावित जिलों का हवाई सर्वेक्षण किया।
बता दें की केरल के इडुक्की जिले में बरसात और बाढ़ की तबाही सबसे ज्यादा है। जहां पिछले 40 सालों में पहली बार चेरुथोनी बांध के पांचों शटर खोलने पड़े हैं। 50 साल में पहली बार केरल इतनी भयंकर बाढ़ और बरसात के बीच फंसा है। हालात इस कदर पानी-पानी हो चुके हैं कि केरल के इतिहास में पहली बार 24 बांधों को एक साथ खोलना पड़ा है। पिछले 40 वर्षों में ऐसा पहली बार हुआ है कि बारिश और बाढ़ की वजह से इडुक्की के चेरुथोनी बांध के पांचों शटर एक साथ खोल देने पड़े हों।
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