एस.पी.सक्सेना/ बोकारो। वैश्विक महामारी कोरोनावायरस (Coronavirus) को लेकर जहां झारखंड राज्य के विभिन्न जिलों को सील करने के कारण एक जिला से दूसरे जिला में प्रवेश पुरी तरह प्रतिबंधित है वहीं इसका खामियाजा भुगतने को विवश हो रहे हैं सीसीएल (CCL) व् बीसीसीएल (BCCL) कर्मी। ताजा वाकया 28 अप्रैल की है, जब बोकारो जिला के नावाडीह प्रखंड के हद में जुनौरी निवासी 51 वर्षिय खीरूलाल साल अपने कार्यस्थल धनबाद जिला के बीसीसीएल के ब्लाॅक-।। के हद में 14 नंबर खदान में जाना चाह रहा था। जिसे बाघमारा पुलिस ने जबरन रोक दिया। अंततः साव बिना कार्यस्थल पर गये वापस जुनौरी लौट गया।
इस बावत बीसीसीएल कर्मी साव ने बताया कि उसका घर जुनौरी से बाघमारा कार्यस्थल आने जाने के क्रम में तेलो (जहां कुछ सप्ताह पूर्व कोरोना पाॅजिटिव मरीज पाये गये थे तथा अब सभी स्वस्थ्य होकर घर आ गए हैं) पड़ने के कारण स्थानीय कोलियरी प्रबंधन के निर्देश पर उसने गत् 11 अप्रैल को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बाघमारा में कोरोना जांच कराया। जिसका पंजीकरण क्रमांक-6/810 है। साव के अनुसार उसे किसी प्रकार की कोई तकलीफ़ नहीं था। इस कारण उसका कोरोना रिपोर्ट नेगेटिव आया। फिर भी चिकित्सक की सलाह पर उसे 25 अप्रैल तक होम कोरोंटाइन में भेज दिया गया। होम कोरोंटाइन के बाद वह 28 अप्रैल को कार्य स्थल जाने के क्रम में उसे बाघमारा पुलिस द्वारा जबरन वापस लौटा दिया गया है।
इस संबंध में खानुडीह चेकपोस्ट पर तैनात बाघमारा थाना प्रभारी संतोष कुमार झा, कनीय अवर निरीक्षक प्रमोद कुमार तथा सहायक अवर निरीक्षक राजीव रंजन ने बताया कि धनबाद जिला को पूरी तरह से सील किए जाने के कारण दूसरे जिला से किसी का भी प्रवेश प्रतिबंधित किया गया है। वकौल थाना प्रभारी मीडिया कर्मियों का भी यहां प्रवेश वर्जित है। मीडिया कर्मियों के प्रवेश वर्जित किया जाना धनबाद जिला प्रशासन की किस नीति का ध्योतक है यह समझ से परे तथा घोर आश्चर्य जान पड़ता है।
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