चंदनकियारी/ बोकारो। झारखंड, बोकारो जिला के चंदनकियारी के अलुआरा, मचाटांड, बाटबिनोर गांव के 30 मजदूर केरल में आई भीषण बाढ़ में फंस गये थे। केरल के परवुर, कोचिन में स्थित u & co marine exports कंपनी में सभी मजदूर काम करने गये थे।
बताया जाता है कि बोकारो के रहने वाले सभी मजदूर कंपनी के एक पांच मंजिला इमारत में फंस गये थे। बाढ़ में फंसे एक मजदूर रोहित कुमार महतो ने बताया कि इस भवन के तीन मंजिल तक पानी भर गया था, जिसके बाद वे सभी भवन के छत पर रह रहे थे। मोबाइल नेटवर्क सही से काम नहीं करने की वजह से केरल सरकार और केंद्र सरकार के अधिकारी उन तक नहीं पहुंच पा रहे थे। इसके बाद मजदूरों ने चन्दनकियारी अपने गांव में संपर्क किया।
ग्रामीणों ने बोकारो जिला के भारतीय जनता पार्टी अनुसूचित जनजाति के जिला मंत्री विजय कुमार महली से संपर्क किया। विजय कुमार महली से केरल में फंसे मजदूरों की जानकारी राज्य के राजस्व, निबंधन, भूमि सुधार, पर्यटन, कला संस्कृति, खेल कूद एवं युवा कार्य विभाग के मंत्री व चंदनकियारी के विधायक अमर कुमार बाउरी को वास्तुस्थिति की जानकारी दी। मंत्री अमर कुमार बाउरी ने त्वरित कार्रवाई करते हुए बोकारो जिला के उपायुक्त और पुलिस अधीक्षक को सारी जानकारी देते हुए सभी मजदूरों को राहत पहुंचाने का निदेश दिया।
बोकारो जिला उपायुक्त और पुलिस अधीक्षक ने केरल सरकार के अधिकारियों से संपर्क कर बाढ़ में फंसे मजदूरों तक मदद पहुंचाने का आग्रह किया। जिसके बाद केरल सरकार के अधिकारियों और केंद्र सरकार के अधिकारियों ने सभी मजदूरों तक राहत सामग्री पहुंचायी। वहीं राहत कार्य में जुटे नेवी के जवानों ने भी फोन पर बाढ़ में फंसे झारखंड के मजदूरों से संपर्क कर उन्हें हर संभव मदद पहुंचाने का आश्वासन दिया।
राहत सामग्री पहुंचने के बाद फोन पर केरल में फंसे मजदूरकृष्णा महतो ने मंत्री अमर कुमार बाउरी का आभार प्रकट करते हुए कहा कि यदि उन्होंने मदद के लिए पहल नहीं की होती तो तीन दिन से भूखे सभी मजदूरों की हालत खराब हो जाती। महतो ने कहा कि हम जब भी चंदनकियारी आयेंगे तो मंत्री अमर कुमार बाउरी से मिल कर उनका आभार प्रकट करेंगे। वर्तमान में केरल की स्थिति में थोड़ा बदलाव आया है और जलस्तर में भी कमी आयी है। अब वहां महामारी का खतरा बढ़ता जा रहा है।
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