ममता सिन्हा/ तेनुघाट (बोकारो)। तेनुघाट डी टाईप कॉलोनी में संजय कुमार पाठक बेरोजगारी के तनाव में आकर फांसी लगा ली। पत्नी ने पति को फांसी पर लटका देख कुंआ में छलांग लगा दी। मौके पर मौजूद लोगों ने कुएँ में कूदी पत्नी की जान बचाई।
दो छोटे छोटे बच्चों की जान का किसी ने नहीं की परवाह
तेनुघाट (Tenughat) स्थित डीड राइटर पंकज पाठक के छोटे भाई संजय कुमार पाठक बेरोजगारी कि तनाव में आकर 29 मई की मध्य रात्रि फांसी लगाकर जान दे दिया। घटना कि सूचना पाकर गोमिया पुलिस निरीक्षक सुजीत कुमार, तेनुघाट ओपी प्रभारी विजय प्रसाद सिंह ने घटना स्थल पहुंचकर घटना की पुरी जानकारी ली।तथा शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए अनुमंडलीय अस्पताल तेनुघाट भेजा दिया गया। बाद में शव को परिजनों को सौंप दिया गया। बताते चले कि मृतक संजय पाठक की पत्नी ममता पाठक एवं उसकी बड़ी मां (चाची) ने बताया कि लॉक डाउन में नौकरी चले जाने के कारण अक्सर वह तनाव में आकर चर्चा करता था कि अब वह क्या करेगा।मृतक संजय गिरिडीह बेंगाबद थाना निवासी है।
वह अपने दोनों बच्चों एवं पत्नी के साथ बड़े भाई पंकज पाठक के पास तेनुघाट 20 मार्च को मिलने आया था। इसके बाद लॉक डाउन में फंस कर रह गया। बर्दवान (कोलकात्ता) के किसी कंपनी में काम करता था। अपनी पत्नी सहित दो बच्चों के साथ वहीं रहता था। कंपनी में काम छूट जाने के कारण अक्सर तनाव में कहता था कि अब क्या करेगा।
घर वाले अक्सर समझाया करते थे कि सबके साथ परेशानी बढ़ी है। धीरे धीरे सब ठीक हो जायेगा। ज्ञात हो कि लॉक डाउन खत्म के दौरान लोगों के समक्ष रोजगार कि बड़ी समस्या है। कई लोगों के बिजनेस ठप्प हो गया है। कितने लोगों की प्राइवेट नौकरी खत्म हो गई है।
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