झारखंड। बेतहाशा गर्मी, तेज धूप और लू से परेशान जमशेदपुर के नागरीक बेहद परेशान थे। हालांकि इस दौरान कभी कभार जमशेदपुर सहित राज्य के अन्य शहर व इलाकों में आंधी पानी का सिलसिला थम-थम कर चल रहा था। इस बीच करीब दो तीन दिनों से उमस और बढ़ गई थी। लेकिन शुक्रवार की दोपहर राहत की बारिश होने के बजाए मौसम का मिजाज ऐसा बदला की कहर बरपाने लगा।
मौसम विभाग के अनुसार करीब 60 किमी की रफ़्तार से चली आंधी के साथ जोरदार बारिश ने जमशेदपुर की जनता को हिला कर रख दिया। बताया जाता है कि आंधी पानी का कहर लगभग दो और तीन बजे के बीच शुरू हुआ जो देर रात तक लगातार चलता ही रहा।
इस दौरान शहर के कई जगहों पर बड़े-बड़े पेड़ गिरे व दर्जनों घरों की दीवारें गिर गई। इसके अलावा बारीडीह के विद्यापति नगर स्थित दुर्गापूजा मौदान के पास एक इमारत में लगे मोबाईल का टावर देखते ही देखते गिर पड़ा। हालांकि टावर के गिरने से कोई हताहत नहीं हुई।
इतना ही नहीं शहर के लगभग सभी गटर व नालों ने नदी का रूप ले लिया वहीं झोपड़पट्टी वाले इलाकों में सैलाब का तांडव जारी रहा। जमशेदपुर में आंधी के साथ मूसलाधार बारिश ने लोगों को राहत देने के बजाए कहर बरपाया। इससे शहर व इसके आसपास के इलाकों में भारी तबाही मचाई है।
आंधी पानी के दौरान कई इलाकों की बिजली की सप्लाई रोक दी गई, शहर में जल जमाव के कारण जेमशेदपुर की जनता को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा जो जहां थे वहीं रूक गए। इससे घंटों आवागम बाधित रहा, जमशेदपुर के कई बस्तियों में पानी घुसने से जनजीवन अस्त- व्यस्त हो गया। हालांकि कही से जान माल के नुकसान होने की खबर नहीं है। स्थानीय लोगों के अनुसार अचानक आंधी -पानी के कारण एरोड्रम के रास्ते में एक पेड़ के गिरने से यह रास्ता भी जाम हो गया।
मौसम विभाग के अनुसार जमशेदपूर में 93 मिलीमीटर बारिश हुई है जबकि 60 किमी की रफ़्तार से आंधी चल रही थी। विभाग द्वारा अनुमान लगाया गया था की अधिकतम 65 से 78 मिमी बारिश होगी लेकिन इस बार भी विभाग का अनुमान गलत साबित हुआ। यानी मौसम विभाग के यंत्र में खामी है या फिर इसके संचालक पूरी तरह प्रशक्षित नहीं हैं।
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