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कोयला खदानों को निजी हाथों में बेचना चाहती है सरकार-फौजी

एस.पी.सक्सेना/ रामगढ़ (झारखंड)। केंद्र सरकार के मजदूर विरोधी नीतियों के खिलाफ 2 से 4 जुलाई तक के तीन दिनों के राष्ट्रव्यापी हड़ताल को लेकर 23 जून को अरगड्डा क्षेत्र के हद में गिद्दी सी कोलियरी परिसर में पीट मीटिंग का आयोजन किया गया। अध्यक्षता राष्ट्रीय कोलियरी मजदूर संघ के राष्ट्रीय महामंत्री रामेश्वर सिंह फौजी ने की।

मौके पर उपस्थित मजदूरों को संबोधित करते हुये फौजी ने कहा की केंद्र सरकार कोयला उद्योग जैसे बड़े उद्योग को निजी हाथों में बेचना चाहती है। जिसकी शुरुआत कॉमर्शियल माइनिंग से की जा रही है। कांग्रेस की सरकार ने बड़े फैसले के तहत कोयला उद्योग का राष्ट्रीयकरण कर मजदूरों को सही हक दिलाने के लिए कोलियरी को जुल्मी मालिकों के जुर्म से छुटकारा दिलाई थी। लेकिन मोदी सरकार कोयला खदानों को निजी हाथों में सौंप मजदूरों के भविष्य को नर्क में मिलाना चाहती है। खास कर श्रम कानुन में संशोधन, काम के घंटे को 8 घंटे से बढाकर 12 घंटे करना, इसके द्वारा मजदूरों के अधिकार का हनन किया जा रहा है। रक्षा मंत्रालय, आयुध निर्माणी में 74% एफडीआई लाना देश की सुरक्षा से खिलवाड़ है।

फौजी ने कहा की केंद्र सरकार उद्योगपतियों एवं पूंजीपतियों के हाथों देश के संस्थानों को गिरवी रखना तथा बेचना चाहती है। फौजी ने कहा की आजादी के 70 साल बाद पहली बार मजदूरों एवं इंटक का नेतृत्व एक भूतपूर्व सैनिक के हाथ में आया है। मजदूरों के हक की लड़ाई के लिए अपनें प्राण भी न्योछावर करनें में उन्हें कोई गम नहीं होगी। फौजी ने कहा कि कोयला उद्योग में भ्रष्टाचार के जन्मदाता ट्रेड यूनियन के दलाल नेता ही हैं। इंटक भष्टाचार एवं भ्रष्टाचारियों पर कभी भी रहम नहीं करेगी, चाहे कर्मचारी हों, अधिकारी हों या दलाल नेता। बैठक में सभी मजदूरों में संकल्प लिया कि इस हड़ताल को शत् प्रतिशत सफल बनायेंगे। फौजी के साथ मजदूरों की एक जुटता एवं सरकार विरोधी नारा पुरा जोश खरोस के साथ लगाया गया। मौके पर संजय बक्सी, नुर सफी, आजाद राइन, हीरालाल राम, सिंगराई मुण्डा, विकेश कुमार, नंद कुमार आदि उपस्थित थे।

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