कथारा (बोकारो)। सीसीएल (CCL) प्रबंधन की ढुलमुल नीति के कारण विस्थापितो को नही मिल रहा अधिकार। बीते 21 अगस्त को कोलफील्ड रैयत विस्थापित मोर्चा द्वारा प्रबंधन के खिलाफ आंदोलन को लेकर कथारा गेस्ट हाउस (Kathara Guest house) में सुनील कुमार सिन्हा की अध्यक्षता में बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में मुख्य रूप से मोर्चा के केंद्रीय अध्यक्ष मो नसीरुद्दीन असरफी उपस्थित थे।
संबोधित करते हुए मोर्चा के अध्यक्ष असरफी ने कहा कि सीसीएल प्रबंधन की सोची समझी साजिश के तहत विस्थापितो को हक व अधिकार नहीं मिल पा रहा है। सीसीएल के सीएमडी के पत्र निर्गत करने के बाद भी कथारा प्रबंधन विस्थापितो के अधिकार को नही देना चाह रही है। यह नीति कभी मोर्चा कामयाब नहीं होने देगी। विस्थापितों ने अपनी जमीन सीसीएल को नहीं दिया है।
सीसीएल जबरन विस्थापितों के जमीन में खदान खोलकर मुनाफा कमा रही है।सीसीएल ने हमारी 400 एकड़ जमीन अधिग्रहण किया है उसका कोई भी प्रमाण प्रस्तुत करे। विस्थापित जमीन छोड़ देगा। विस्थापितों ने अपना पेट काटकर आज भी अपनी जमीन का मालगुजारी भुगतान करते आ रही है। सीसीएल विस्थापितों को छलने का काम कर रही है। विस्थापित अब आर पार का आंदोलन करेगी ताकि प्रबंधन का काला मुखौटा सामने आ सके।
विस्थापितों के जमीन का कागजात सीसीएल प्रबंधन के अलावे बोकारो उपायुक्त, बेरमो सीओ सहित सबंधित विभाग में जमा किया गया है। अंत में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि सीसीएल प्रबंधन विस्थापितो के समस्याओं का निदान 15 दिनों के अंदर नहीं करती है तो मोर्चा आंदोलन कर क्षेत्र का चक्का जाम करेगी। मौके पर विस्थापित नेता कामोद प्रसाद, मो. सेराज अंसारी, कलीमुल्लाह, मुमताज अंसारी, तौफीक अंसारी, कुर्बान अली, खालिक हुसैन, जफीर अंसारी, देवीलाल मांझी, नुनूलाल मांझी, दीपक कुमार, गोविंद मुर्मू, महेश मुर्मू, तुलसी मांझी, कयूम अंसारी, फिरोज अंसारी, एनाम अंसारी, समीर अंसारी, जब्बार अंसारी, जीतन राम, विनय गुप्ता आदि उपस्थित थे।
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