22 जून को राजेंद्र गुट में होंगे शामिल
एस.पी.सक्सेना/ बोकारो। कृष्ण चेतना क्लब परिसर कथारा में (Krishna Chetna Club, Kathara) युवा कांग्रेस नेता विजय यादव की अध्यक्षता में बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में मुख्य अतिथि श्रमिक नेता अजय कुमार सिंह मुख्य रूप से उपस्थित थे। संचालन मंटू यादव ने किया। 21 जून को आयोजित बैठक मे युवा कांग्रेस कथारा द्वारा मजदूर नेता अजय कुमार सिंह को माला पहनाकर स्वागत किया गया एवं 22 जून को इंटक राजेंद्र गुट में शामिल होने के लिए अग्रिम बधाई दी गई।
यहां युवा नेता विजय यादव ने कहा कि अजय कुमार सिंह यूनियन में भले ही दूसरे गुट में थे लेकिन कांग्रेस पार्टी को सदैव ही उनका अनुभव एवं मार्गदर्शन मिलता रहा है। अजय कुमार सिंह के राजेंद्र गुट में सम्मिलित होने से राजेंद्र गुट यूनियन के साथ कांग्रेस पार्टी को भी मजबूती मिलेगी। मौके पर उपस्थित युवा कांग्रेस नेता राजेंद्र वर्मा, उपेंद्र चौहान, अनिल जाधव, जागेश्वर यादव, विजय कुमार, नरेश यादव, करण यादव, शांति राय, पिंटू राय आदि मुख्य रूप से उपस्थित थे।
ऑफिस कॉलोनी निवासी मो.शमीम के आवास 1B/164 में आयोजित बैठक को संबोधित करते हुये इंटक(ददई गुट) के पूर्व राष्ट्रीय सचिव अजय कुमार सिंह ने कहा कि ददई गुट सिर्फ कागज पर संचालित है। झारखंड राज्य के कुछ विरोधियों की जमावड़ा ददई गुट के साथ शामिल है। जो सभी जगहों पर मजदूर जमात को गुमराह कर इंटक नेता के नाम पर अपना वजूद रखना चाहते हैं जो भ्रामक है। उन्होने कहा कि किसी भी ट्रेड यूनियन का उद्देश्य मजदूर हितों की रक्षा, संगठन की मजबूती, संगठन की सदस्य संख्या होनी चाहिए। लेकिन ददई इंटक की उपलब्धि सिर्फ और सिर्फ इंटक के आजीवन अध्यक्ष संजीवा रेड्डी की आलोचना और असली और नकली जैसे भ्रामक बात कर अपने को जिंदा रखने का कुंठित प्रयास है। ददई गुट के नाम पर चलने वाला संगठन हवा में है।
वास्तविकता की जांच हो तो पूरे देश में जो भी यूनियन संचालित है उन सभी यूनियनों में सबसे कम सदस्य संख्या दुबे गुट के साथ है। उन्होंने कहा कि मुझे इस बात का घोर आश्चर्य लग रहा है दुबे जी के साथ कदम से कदम मिलाकर बेरमो बोकारो में अपने पहचान और स्थान कायम रखने वाले नेता इजराइल अंसारी तथा छविनाथ सिंह जो आज मरहूम है तथा जिसने अपना कैरियर दुबे जी के साथ दांव पर लगा दिया वैसे पुण्य नेताओं की श्रद्धांजलि में भी दुबे जी शामिल नहीं हुए। जिससे वैसे पुण्यात्मा उपेक्षित हुए। जो घोर निंदनीय है। रिश्ता निभाने का नाम है।
रिश्ता को कलंकित करने वाला व्यक्ति अपने आप में बड़ा हो सकता है लेकिन जनता के दिलों में नहीं। लंबे समय से घुटन सा महसूस करते करते अंत में जाकर सर से पानी ऊपर हुआ तो अपना अलग रास्ता के लिए वे बाध्य हुये। बड़बोले पन से संगठन नहीं चलता। संगठन योजना और कार्यक्रम से चलता है। असली और नकली के नाम पर मात्र अपना पहचान स्थापित करने वाले लोगों की पोल बहुत जल्द खुल जाएगी। ईश्वर के घर में देर है अंधेर नहीं है।
उन्होने कहा कि मेरे कुछ राजनीतिक भूल के कारण मुझे राजेंद्र गुट से अलग होना पड़ा। यह मेरे जीवन का सबसे बड़ा पश्चाताप है। मैं अपनी ओर से स्व.राजेंद्र प्रसाद सिंह को सच्ची श्रद्धांजलि देते हुए इंटक की मजबूती की कामना करता हूँ। जिसमें मजदूरों की भविष्य उज्जवल व सुरक्षित है। इस अवसर पर बैठक में वरीय कांग्रेसी नेता वेदव्यास चोबै, सीएस प्रसाद, इम्तियाज अहमद, आशीष चक्रवर्ती, मोहम्मद शमीम, शब्बीर अहमद अंसारी, राकेश कुमार, मोहम्मद नसीम अख्तर, मंसूर खान, राजेन्द्र वर्मा, सन्तोष सिन्हा, देवाशीष आस, विजय यादव, तुलसी निषाद आदि शामिल थे।
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