नई दिल्ली। डिजिटल ट्रांजेक्शन को बढ़ावा देने के लिए सरकार एक और बड़ा कदम उठा सकती है। अखिल भारतीय व्यापारी परिसंघ (CAIT) के जनरल सेकेट्री प्रवीण खंडेलवाल कहते हैं कि सरकार क्रेडिट और डेबिट कार्ड के माध्यम से पेमेंट को लगातार बढ़ावा दे रही है। इसीलिए जल्द ही चेकबुक की सुविधा खत्म की जा सकती है।
प्रवीण खंडेलवाल कहते हैं कि डिजिटल पेमेंट को बढ़ावा देकर सरकार कैशलेश इकॉनोमी की ओर बढ़ सकती है। एक ओर सरकार 25 हजार करोड़ रुपए सिर्फ नोटों की छपाई पर खर्च करती है। वहीं, दूसरी ओर 6000 करोड़ रुपए उन नोटों की सुरक्षा पर खर्च किए जाते हैं। ऐसे में कैशलेश इकॉनोमी से सरकार के खर्च में बड़ी कमी आएगी। उन्होंने कहा कि सरकार को अगर डिजिटल ट्रांजैक्शन को बढ़ावा देना है तो कार्ड पेमेंट पर लगने वाले चार्जेज भी खत्म करने होंगे, ताकि लोग उस ओर बढ़ सकें।
उन्होंने जानकारी देते हुए कहा कि देशभर में 80 करोड़ एटीएम कार्ड हैं, लेकिन सिर्फ पांच फीसदी कार्ड का इस्तेमाल डिजिटल ट्रांजैक्शन के लिए होता है, जबकि 95 फीसदी एटीएम कार्ड सिर्फ कैश निकालने के लिए इस्तेमाल किए जाते हैं। उन्होंने लोगों से भी डिजिटल इंडिया को बढ़ावा देने की अपील की।
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