नरेन्द्रपुर गांव में शहीदों का सम्मान समारोह

सामाजिक, न्यायिक, राजनीतिक व प्रशासनिक क्षेत्र की हस्तियां जुटी

शहीदों के बलिदान से देश आजाद हुआ- पूर्व न्यायाधीश

कृष्ण कुमार सिंह/ सीवान (बिहार)। हाल ही में जीरादेई प्रखंड के नरेन्द्रपुर गांव में शहीदों का सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इस समारोह का शुभारंभ 1942 के आंदोलन में बिहार के सात शहीदों में अग्रणी पंक्ति में रहे शहीद उमाकांत सिंह (रमण जी) की प्रतिमा पर अतिथियों द्वारा माल्यार्पण कर किया गया। उसके बाद समारोह का विधिवत उदघाटन छात्रों द्वारा राष्ट्रगान के साथ किया गया। इस अवसर पर लोक गायिका काबेरी ने ”ऐ मेरे वतन के लोगों जरा आँख में भर लो पानी” देश भक्ति गीत प्रस्तुत की।

समारोह के स्वागत भाषण में सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश सह चेयरमैन सैट के माननीय शिवकीर्ति सिंह ने किया। उन्होंने अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि शहीदों के बलिदान से देश आजाद हुआ। न्यायमूर्ति ने बताया कि देश की आजादी ही नहीं आज हमें शांति व अमन तथा चैन से सोने में भी शहीदों का बलिदान है। उन्होंने कहा कि आज पूरा देश शहीदों की शहादत से गमगीन है।

युवाओं को शहीदों के बलिदान से प्रेरणा लेने कि सलाह दी तथा सबको राष्ट्र के विकास में अपनी ऊर्जा खपत कर भारत को पुनः विश्व गुरु बनने में सहयोग का सुझाव दिया। पूर्व न्यायाधीश ने शहीदों के सम्मान में खड़े होकर दो मिनट का मौन रहने का आग्रह किया। कार्यक्रम का संचालन युवा समाजसेवी राहुलकीर्ति सिंह ने किया। वहीं पूर्व आईएएस झारखंड के पूर्व प्रधान सचिव व केंद्रीय पूर्व अपर सचिव विमल कीर्ति सिंह ने कार्यक्रम के पृष्ठभूमि को विस्तार से बताते हुए शहीदों के प्रति श्रद्धांजलि अर्पित की।

उन्होंने कहा की देश के प्रति पूर्ण समर्पण ही राष्ट्र सेवा है। सिंह ने कहा कि देश की आजादी में सारण कमिश्नरी के अनगिनत वीर शहीदों ने देश की आजादी के लिये अपने प्राणों की आहूति दी। पूर्व आईएएस ने बताया कि जीरादेई के भरथुई गढ़ के वीर योद्धा बाबू धज्जु सिंह ने विदेशी ताकतों से लड़कर हुसेपुर की रानी को बचाया तथा गर्भवती रानी को अपने छावनी में शरण दिया। जिससे मोहन जी नाम के बालक का जन्म हुआ। बाबू धज्जु सिंह के सहयोग से हथुआ में छावनी बना और मोहन जी को युवराज घोषित किया गया।

इस प्रकार हथुआ राज की स्थापना हुई। उन्होंने बताया कि बाबू धज्जु सिंह नरवनी के वंशज थे, तथा नरवनी के वीर योद्धाओं ने पांच अंग्रेजों का सर काटकर अपनी छावनी में रख दिया। जिससे पूरा अंग्रेजी हुकूमत भयभीत हो गई। उन्होंने बताया कि मेरे चाचा शहीद उमाकांत सिंह ने मात्र 17 वर्ष की आयु मे शहादत देने के बाद पटना सचिवालय पर 11 अगस्त 1942 को तिरंगा फहराने का काम किया। उन्होंने कहा कि देशरत्न डॉ. राजेन्द्र प्रसाद व मौलाना मजहरुल हक तथा बिहार के अनेकों वीर शहीदों के परिवार से हमारे परिवार का आज भी संबंध कायम है।

उन्होंने बताया कि हमारे पिता स्व. शम्भू प्रसाद सिंह (जज साहब) से सभी स्वतंत्रता सेनानी जुड़े हुए थे। इसके बाद शहीद परिजन सम्मान समारोह की कड़ी आरंभ हुई। जिसमें क्रमश: भगवानपुर प्रखंड के युवाफर गांव के शहीद शुभलाल महतो के पोता विनय कुमार कुशवाहा, सिहौता बंगरा महराजगंज के शहीद देवशरण सिंह के पुत्र बलिराम सिंह, अभूई महराजगंज के शहीद चंद्रमा महतो के भतीजा असरफी प्रसाद, ठेपहा जीरादेई के शहीद बच्चन प्रसाद के पोता उमा सिंह कुशवाहा, उसी परिवार के शहीद सीताराम भगत के पोता मंटू कुशवाहा, मैरवा लंगड़ पूरा के शहीद रामदेनी कुर्मी की बहु श्रीमती कुंवर, नरेन्द्रपुर के शहीद उमाकांत सिंह के पोता प्रसून कीर्ति सिंह एवं सिहौता बंगरा महराज गंज के स्वतंत्रता सेनानी सीताराम सिंह को पुष्पगुच्छ व अंगवस्त्र से सम्मानित किया गया। बताया जाता है कि उपरोक्त सभी शहीद 1942 के आंदोलन में शहादत दिए थे। सारण के अन्य 1942 के शहीदों के परिजन अपने गांव पर नहीं रहते है।

धन्यवाद ज्ञापन पूर्व कैप्टन हरिकीर्ति सिंह ने किया। इसके बाद सभी अतिथियों ने स्व. शम्भू प्रसाद सिंह की स्मृति में निर्मित विवाह भवन में लगे दुर्लभ चित्र प्रदर्शनी का अवलोकन संयुक्त रूप से किया गया। तदोपरांत सभी लोग प्रीति भोज में शामिल हुए। इस मौके पर सिवान के पूर्व सांसद प्रत्याशी हीन साहब, लीलावती गिरी, रघुनाथपुर विधायक हरिशंकर यादव, पूर्व मंत्री विक्रम कुंवर, समाजसेवी संजय सिंह, पूर्व विधायक मानिकचंद्र राय, पूर्व जिलाध्यक्ष विनय चंद्र श्रीवास्तव, भाजपा नेता जितेंदर स्वामी, पूर्व भजपा अध्यक्ष जितेश सिंह, कांग्रेस जिला अध्यक्ष विदुशेखर पांडेय, क्षेत्रीय समाज के प्रदेश अध्यक्ष विनय बिहारी सिंह, भजपा नेता विनोद तिवारी, जदयू नेता झाम बाबा, जिला मुखिया संघ अध्यक्ष अजय चौहान, राजद नेता हरेन्द्र सिंह, जदयू प्रवक्ता झाम बाबा सहित बड़ी संख्या में लोग उपस्थित थे।

 


 574 total views,  1 views today

You May Also Like

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *