संतोष कुमार झा/ मुजफ्फरपुर (बिहार)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने 15 सितंबर को बिहार वर्चुअल रैली करके 541 करोड़ की योजनाओं की घोषणाएं की। बिहार में विधानसभा चुनाव (Bihar Assembly Election 2020) करीब हैं और पिछले 15 दिनों में मोदी ने तीसरी बार वर्चुअल रैली करके विकास योजनाओं का तोहफा दिया है।
पीएम मोदी ने वर्चुअल रैली के दौरान लालू-राबड़ी शासन-काल के 15 सालों के भ्रष्टाचार की भी चर्चा की। पीएम मोदी ने कहा- छठी मैया की कृपा रही तो पूरे बिहार को पीने का शुद्ध पानी मिलेगा।
प्रधानमंत्री ने कहा कि आजादी के बाद के शुरुआत में बिहार को बड़े और विजनरी नेताओं का नेतृत्व मिला। इसके बाद एक दौड़ ऐसा भी आया जब बिहार में मूलभूत सुविधाओं के निर्माण और लोगों को आधुनिक सुविधाएं देने के बजाए प्राथमिकता बदल गई। नतीजा यह हुआ कि राज्य में गवर्नेंस से फोकस ही हट गया।
इसका नतीजा यह हुआ कि बिहार के गांव और ज्यादा पिछड़ते गए और जो शहर कभी समृद्धि के प्रतीक थे उनका इन्फ्रास्ट्रक्चर बढ़ती आबादी और बदलते समय के हिसाब से अपग्रेड नहीं हो पाया। सड़कें, गलियां, पीने का पानी और सीवरेज जैसी मूल समस्याओं को टाल दिया गया। जब भी इनके काम हुए घोटालों की भेट चढ़ गए। सरकारों की गलत प्राथमिकताओं के कारण समाज के बड़े वर्ग के आत्मविश्वास पर गहरी चोट पहुंची है।
पन्द्रह साल से बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, उप मुख्यमंत्री सुशील मोदी और उनकी टीम के लोग समाज के वंचित तबके का आत्मविश्वास को लौटाने का प्रयास कर रहे हैं। बेटियों की पढ़ाई-लिखाई, पंचायती राज सहित स्थानीय निकाय में वंचित तबके की भागीदारी को प्राथमिकता दी गई है। इससे उनका आत्मविश्वास बढ़ रहा है।
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