संतोष कुमार झा/ मुजफ्फरपुर (बिहार)। मुजफ्फरपुर (Muzaffarpur) जिला के हद में फकुली ओपी में महिला पीएसआई कविता कुमारी और उसके पति के साथ मारपीट मामले में आईजी गणेश कुमार ने जांच पूरी कर ली है। आईजी ने कहा कि मोहर्रम के दिन शाम 5 बजे ड्यूटी से घर जाने के लिए तैयार होने के मुद्दे पर महिला पीएसआई कविता कुमारी का साथी पीएसआई ऋतुराज से विवाद शुरू हुआ था। विवाद के समय थाने में कई अन्य पुलिसकर्मी भी मौजूद थे।
जांच में लज्जा भंग किए जाने के आरोप का साक्ष्य नहीं आया। हालांकि, महिला पीएसआई और उसके पति से ऋतुराज का विवाद हुआ था। इधर, जांच के बाद एसएसपी जयंत कांत ने महिला पीएसआई कविता कुमारी का स्थानांतरण फकुली ओपी से सरैया एसडीपीओ राजेश शर्मा के कार्यालय में कर दिया है। जबकि, आरोपी पीएसआई ऋतुराज जायसवाल को लाइन हाजिर कर दिया गया है।
मामले में आरोपी ओपी प्रभारी उदय कुमार सिंह पर किसी तरह की कार्रवाई नहीं हुई है। सिंह ओपी अध्यक्ष के पद पर बने हुए हैं। इस पर महिला आयोग की अध्यक्षा डॉ. दिलमणि मिश्रा ने कहा कि महिला पीएसआई ने ओपी प्रभारी पर भी मारपीट किए जाने का आरोप लगाया है। इसलिए निष्पक्ष जांच के लिए उन्हें भी लाइन में क्लोज करना चाहिए था।
महिला पीएसआई व उनके पति पर किस आधार पर एफआईआर दर्ज की गई है, उसे भी आयोग देखेगा। जब अपनों के बीच ड्यूटी करने में एक महिला दारोगा प्रताड़ित हो रही है तो ऐसे पुलिस कर्मियों से आम लोग इंसाफ की क्या उम्मीद रखेंगे? इधर, महिला प्रशिक्षु दारोगा ने इस प्रकरण में अब प्रेस को बयान देने से परहेज कर रही है। कहा कि वरीय अधिकारियों से उसे न्याय की उम्मीद है।
अब तक की जांच में स्पष्ट है कि महिला पीएसआई कविता कुमारी कोविड के कारण एक अगस्त से ही छुट्टी पर थी। उन्हें 20 अगस्त तक क्वारेंटाइन में रहने का निर्देश दिया गया था। 20 अगस्त के बाद वह फकुली ओपी में ड्यूटी पर आईं। घटना के दिन से पहले ड्यूटी से भाग जाने या काम में कोताही संबंधित अन्य कोई साक्ष्य जांच में सामने नहीं आया है। ऐसे में सवाल उठता है कि ओपी प्रभारी उदय कुमार सिंह ने आखिरकार क्यों वरीय अधिकारियों को महिला पीएसआई के एक महीने से गायब रहने की झूठी कहानी बताई? जबकि क्वारंटाइन से लौटने के बाद महिला पीएसआई नियमित ड्यूटी पर थीं।
जांच में महिला पीएसआई की लज्जा भंग किए जाने की घटना का साक्ष्य नहीं मिला है। पीएसआई से विवाद हुआ था। उस पीएसआई को थाने से क्लोज कर लिया गया है। महिला पीएसआई ने उस ओपी में ड्यूटी में असहजता महसूस की, इसलिए एसडीपीओ कार्यालय में तैनात किया गया है। जांच रिपोर्ट के आधार पर एसएसपी कार्रवाई करेंगे। अन्य संस्थानों को भी जांच रिपोर्ट से अवगत कराया जाएगा-गणेश कुमार, आईजी, तिरहुत रेंज भाकपा-माले व ऐपवा ने प्रशिक्षु महिला दारोगा के साथ ओपी प्रभारी व एक दारोगा द्वारा बदसलूकी की निंदा की।
जिला सचिव कृष्णमोहन, कुढ़नी प्रखंड प्रभारी होरिल राय व ऐपवा जिलाध्यक्ष शारदा देवी ने इसे शर्मनाक व महिला विरोधी बताते हुए दोषी पुलिस अधिकारियों पर अविलंब कार्रवाई की मांग की है।
जांच रिपोर्ट नहीं देखी है। ओपी प्रभारी के विरुद्ध कोई साक्ष्य होगा तो उनपर निश्चित कार्रवाई की जाएगी। पीएसआई ऋतुराज को लाइन क्लोज कर दिया गया है–जयंत कांत, एसएसपी मुजफ्फरपुर।
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