बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को बताया असामाजिक तत्व
प्रहरी संवाददाता/ मुजफ्फरपुर (बिहार)। बॉलीवुड एक्टर सुशांत सिंह राजपूत (Sushant Singh Rajput) केस की बिहार सरकार द्वारा सीबीआई से जांच कराने की सिफारिश करने पर शिवसेना नेता संजय राऊत भड़क गए। संजय राउत ने बिहार के सीएम नीतीश कुमार को असामाजिक तत्व बता दिया। अब सवाल उठने लगा है कि आखिर इस जांच से शिवसेना जिसकी महाराष्ट्र में सरकार हैं उसको किस बात की परेशानी हो रही है। आखिर वह जांच से डर क्यों रही है?
संजय राउत ने 4 अगस्त को मीडिया से कहा कि ”मुंबई पुलिस जो जांच कर रही है उसमें पहले दिन से बिहार से हस्तक्षेप हो रहा है। बिहार में बैठे कुछ असामाजिक तत्वों को लगता है कि इसकी राजनीति अगर करें तो बिहार के चुनाव में काम चल जाएगा। अगर आपको (नीतीश कुमार को) लगता है कि बिहार की राजनीति से ये मुद्दा जुड़ जाएगा तो आप संवेदनहीन हो गए हैं।
राउत के बयान पर जेडीयू प्रवक्ता राजीव रंजन प्रसाद ने पलटवार करते हुए कहा कि महाराष्ट्र सरकार अपनी नाकामी और अपराधियों को बचाने में जुटी है। सुशांत के परिजनों के शिकायत के बाद भी जांच सही से नहीं हो पा रही है। बिहार के डीजीपी कार्रवाई को लेकर मुंबई पुलिस के अधिकारियों से संपर्क कर रहे हैं लेकिन कोई जवाब तक नहीं दे रहा है। रिया खान, दिब्या भारती, गुलशन कुमार मामले में मुंबई पुलिस आजतक किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंच पाई।
ऐसे में सुशांत सिंह की परिजनों को इंसाफ कैसे मिलेगा? इस मामले पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होने वाली हैं। राउत को इसका ख्याल रखना चाहिए था। उनकी मानसिक स्थिति खराब हो गई है। अगर मुंबई पुलिस सही से जांच करती तो बिहार को सीबीआई जांच की सिफारिश नहीं करनी पड़ती।
बिहार सरकार ने 4 अगस्त को सुशांत सिंह सुसाइड केस की सीबीआई से जांच कराने की सिफारिश कर दी है। इसको लेकर सीएम नीतीश कुमार पहले ही कह चुके थे कि अगर सुशांत के परिवार की तरफ से सीबीआई जांच की मांग आती है तो हम इसके लिए अनुशंसा करेंगे। मुख्यमंत्री के करीबी और राज्य सरकार के मंत्री संजय झा लगातार सुशांत के पिता के के सिंह और उनके बहनोई के संपर्क में थे। मुंबई पुलिस ने जिस तरह सुशांत केस को लेकर रवैया अपनाया है उसके परिवार वाले संतुष्ट नहीं थे।
सुशांत के पिता के के सिंह ने 3 अगस्त को एक वीडियो मैसेज के जरिए यह खुलासा किया था कि 25 फरवरी को उनकी तरफ से मुंबई पुलिस को इस बात की जानकारी दी गई थी कि सुशांत की जान को खतरा हो सकता है लेकिन उसके बाद भी इस पर कोई एक्शन नहीं लिया गया। पटना में एफआईआर दर्ज होने के बाद बिहार पुलिस ने मुंबई में जाकर वहां जांच की है और कई महत्वपूर्ण जानकारियां इकट्ठा की है। अब बिहार सरकार (Bihar Government) ने सीबीआई जांच की अनुशंसा कर दी है। इससे शिवसेना के होश उड़ गए हैं।
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