कोरोना हर दिन तोड़ रहा रिकॉर्ड
संतोष कुमार झा/ मुजफ्फरपुर (बिहार)। बिहार को दो हिस्सों में बांटती है गंगा नदी। इस पार उत्तर बिहार के जिलों में सबसे अधिक कोरोना संक्रमित मरीज़ मुजफ्फरपुर (Muzaffarpur) में मिलें हैं। अब तक कुल 526 पहले तो प्रवासीयों के आने से संक्रमित मरीज़ों कि संख्या में इज़ाफा होता गया लेकिन अब जब सब कुछ मुजफ्फरपुर के रहिवासियों के हाथ में आया तो दिखा दिए अपना असली रूप। सोशल डिस्टेंसिंग समाप्त होता होगा।
जी हां कहीं के लिए मुजफ्फरपुर में वो भी जाम में फँस के ध्वनि प्रदूषण में अपना योगदान दे देता है और बीच-बीच में पान, पुरिया, खैनी और बलगम का थूक भी अगर मास्क है तो मास्क खिसकाकर के वरना फिर तो जैसे है वैसे हीं। मास्क के बदले देशी गमछा का भी इस्तेमाल करने से कतरा रहे हैं सब पता नहीं क्यों?
अब जब ये खबर लिखा जा रहा है तभी मांग उठ रहा है कि कल घोषित किए गए चार कंटेनमेंट जोन से काम नहीं चल रहा है। जिला में कई जगह और भी हैं जहाँ इकठ्ठे कोरोना संक्रमित मरीज़ मिल रहें हैं। अगर यहाँ इस स्तर पर चूक हुई तो कोरोना चक्र मजबूत होगा और कोरोना के खिलाफ अब तक कि लड़ी हुइ सारी जंग बेकार चला जाएगा।
भगवानपुर चौक स्थित सदर थाना को तो सिफ्ट ही करना पड़ा क्योंकी जमादार साहब ने जिम्मेदारी नहीं निभाई और परिवार के भतीजे के संक्रमित होते हुए भी खुद को अलग रख के कोरोना चक्र तोड़ने के बजाय थाने जा कर सहकर्मीयों से मुलाकात करना जरुरी समझा था। निलंबित कर दिए गए जमादार साहब के वजह से पुरा थाना संकट में है। अभी जिसे शिफ्ट तो कर दिया गया है दूसरे जगह।
घनी आबादी के साथ गैर जिम्मेदार नागरिक जो ऑटो में बैठने से लेकर सब्जी मंडी में सब्जी खरीदने और बैंक कि लाइनों तक कोरोना संक्रमण से बचने के लिए ज़ारी किए गए दिशा निर्देशों का पालन नहीं कर रहें हैं। जिला प्रशासन की सख़्त कारवाई के तहत छापेमारी करके तीन चार दिनों से अनियमितताओं पर नकेल कसने का प्रयास भी संक्रमित मरीज़ों कि संख्या में कोई अंतर नहीं ला पा रहा है। ऐसे में पटना के तर्ज पर सात दिनों का लाॅकडाउन मुजफ्फरपुर अपनों के लिए सहने के लिए तैयार हैं l जगत प्रहरी सभी जिलावासीयों से निवेदन करता है कि मास्क का उपयोग जरूर करे और सोशल डिस्टेंस का अनुपालन करें ताकि आपके साथ आपका परिवारजन व् शहर भी सुरक्षित रहे।
![]()












Leave a Reply