Advertisement

भगवान बुद्ध ने किया महिला सशक्तिकरण का बीजारोपण

सिवान (बिहार)। देश और दुनिया में प्रचीन और ऐतिहासिक संभावनाओं से इंकार नहीं किया जा सकता, जो कुछ हमारे पूर्वजों ने किया और देखा, जरूरी नहीं कि मैं भी उन्हीं की राह पर चल पड़ू। भगवान बुद्ध की पृष्ट भूमि के शोधकर्ता कृष्ण कुमार सिंह ने अपने शोध के माध्यम से चौंकाने वाले एक ऐसे मामले का खुलासा किया, जो करीब ढाई हजार वर्षों से तीतिरा टोले के बंगरा गांव में अपने उजागर होने की राह देख रहा था। शोधकर्ता सिंह ने इससे पहले भगवान बुद्ध पर एक अनोखी किताब भी लिखी है।

बहरहाल जिला के ऐतिहासिक तीतिरा टोले के बंगरा गांव में स्थित तीतिर स्तूप में शरद पूर्णिमा के अवसर पर महिलाओं ने बुद्ध की पूजा अर्चना कर खीर भोजन चढ़ाया। शोधार्थी कृष्ण कुमार सिंह ने बताया कि करीब ढाई हजार वर्ष पूर्व भगवान बुद्ध ने बुद्धत्व प्राप्ति के सातवें वर्ष अपने माता के साथ हजारों महिलाओं को बौद्ध धम्म की दीक्षा देकर पुरुषों की भांति महिलाओं को भी पढ़ने- पढ़ाने का अधिकार दिया, जो विश्व के इतिहास में महिला सशक्तिकरण के प्रथम बीजारोपण के रूप में जाना जाता है।

उन्होंने बताया कि इसके पूर्व भी केवल राजघराने की कुछ महिलाओं को चार दीवारी के अंदर पढ़ने का प्रमाण है पर बुद्ध ने राजा से लेकर रंक तक की महिला को एक मंच पर लाकर समता मूलक समाज का उत्तम उदाहरण पेश किया। काफी संख्या में महिलाओं ने चांदनी रात में भगवान बुद्ध को खीर भोजन चढ़ा पूजा अर्चना किया तथा भगवान बुद्ध के जीवन से संबंधित कीर्तन गायन भी किया गया। इस मौके पर संत निरंजन दास जी, अंगद प्रसाद, माधव शर्मा, हरिशंकर चौहान, सोनू कुमार, सुनीता आदि उपस्थित थे।




Loading

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *