बार बालाओं ने लगाये ठुमके दबंगो के साथ तमंचे पर डिस्को
संतोष कुमार झा/ मुजफ्फरपुर (बिहार)। एक ओर जहां पूरे बिहार में लोग कोरोना वायरस के बढ़ते प्रकोप और बाढ़ व बारिश से परेशान हैं तो वहीं, दूसरी ओर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (CM Nitish Kumar) के गृह जिले नालंदा में इसका कोई असर नहीं है। दरअसल, नालंदा जिले के हद में भागन बीघा थाना क्षेत्र के बोकना गांव में बीते दिनों सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया था।
इस दौरान गांव के कुछ लोगों ने हाथ में तमंचा लहराते हुए बार बालाओं के साथ जमकर ठूमके लगाया। जबकि पूरे बिहार में 31 जुलाई तक लॉकडाउन लगा हुआ है। किसी को भी बिना जरूरी काम घर से बाहर निकलने की अनुमति नहीं है। इसके बाद भी यहां पर कानून की जमकर धज्जियां उड़ाई गईं। कहा जा रहा है कि घण्टों बाद भी स्थानीय पुलिस इस कार्यक्रम को बंद कराने व कड़ी कार्रवाई करने से बचते हुए नजर आई।
बताया यह भी जा रहा है कि कार्यक्रम शुरू होने से पूर्व डीएम योगेंद्र सिंह को गुप्त सूचना दी गयी थी। इसके बाद डीएम के आदेश पर स्थानीय पुलिस द्वारा गांव में जाकर कार्रवाई के नाम पर महज खानापूर्ति की गई। पुलिसकर्मी डांट- फटकार कर बापस लौट गये। जिसके बाद गांव वालों का मनोबल और बढ़ गया। फिर क्या इधर पुलिस थाने लौटी और उधर गांव में फिर से कोरोनकाल में आधी रात तक जमकर सांस्कृतिक कार्यक्रम बेरोकटोक चलता रहा।
कार्यक्रम आयोजित कराने वालो में कुछ शराब माफिया भी बताये जा रहे हैं। बता दें कि यह कार्यक्रम बोकना गांव में सरकारी स्कूल के पास आयोजित किया गया और जमकर बार बालाओं से भोजपुरी अश्लील गानों पर ठुमके लगवाए गए। यह कार्यक्रम बिना किसी शादी फंक्शन या बिना किसी पर्व-त्योहार का आयोजित कराया गया था।
ऐसे में लगातार वरीय अधिकारियों को मिल रही शिकायतें व गांव में हथियार के बल पर सांस्कृतिक कार्यक्रम कराने की सूचना के बाद डीएसपी विधि व्यवस्था संजय कुमार ने मामले को संज्ञान में लिया और त्वरित कार्रवाई कर सूचना देने का आदेश जारी किया। जिसके बाद स्थानीय पुलिस वरीय अधिकारियों के दबाव में आकर गांव पहुंची और वहां से सामान जप्त करने की प्रक्रिया देर रात तक जारी रही। इतना ही नहीं डांस प्रोग्राम कार्यक्रम स्थल से शराब की कुछ बोतलें भी बरामद होने की सूचना है। हालांकि, इस मामले में कोई भी कुछ बोलने से परहेज कर रहा है।
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