प्रहरी संवाददाता/ मुजफ्फरपुर (बिहार)। कहते हैं यदि दूध से मुंह जल जाए तो लोग छांछ भी फूंक-फूंक कर पीते हैं। शायद राष्ट्रीय जनता दल प्रमुख लालू प्रसाद यादव के परिवार में ऐसी परंपरा नहीं है। एक बार फिर से लालू परिवार के खिलाफ जमीन लिखवाने का मामला सामने आया है। इस बार लालू परिवार के किसी सदस्य के नाम पर जमीन नहीं लिखवाई गयी है, बल्कि आरोप के मुताबिक आरजेडी दफ्तर के नाम पर जमीन लिखवाई गई है। वह भी लोकसभा चुनाव 2019 में टिकट देने के एवज में। आरोप के मुताबिक आरजेडी ने उस उम्मीदवार को वीआईपी पार्टी से लोकसभा चुनाव भी लड़ाया।
नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव (Tejaswi Yadav) के खिलाफ एक बार फिर जमीन लिखवाने का मामला सामने आया है। जदयू के वरिष्ठ नेता और सांसद राजीव रंजन उर्फ ललन सिंह ने आरोप लगाया है कि आरजेडी ने दफ्तर के नाम पर एक उम्मीदवार से दरभंगा के लहेरियासराय में जमीन लिखवायी और उसे वीआईपी पार्टी से टिकट दिलवाकर मधुबनी से चुनाव लड़वाया।
ललन सिंह (Lalan Singh) ने आरोप लगाया है कि महागठबंधन की सहयोगी वीआईपी पार्टी से मधुबनी के उम्मीदवार बद्री पूर्वे के एक रिश्तेदार से तेजस्वी यादव ने आरजेडी कार्यालय के नाम पर जमीन लिखवायी। बाद में उन्हें मधुबनी से वीआईपी से टिकट दिलवा कर चुनाव भी लड़वाया। ललन सिंह ने मीडिया के शमक्ष कथित तौर पर इससे संबंधित दस्तावेज भी पेश किए।
लोकसभा चुनाव में मधुबनी से उम्मीदवार रहे बद्री पूर्वे की एक तस्वीर भी वायरल हुई है। जिसमें तेजस्वी यादव को जमीन के दस्तावेज हस्तांतरित करते देखे जा रहे हैं। ललन सिंह ने आरोप लगाया है कि बद्री पूर्वे ने टिकट लेने के लिए एड़ी चोटी एक कर दी थी। बाद में लालू यादव ने बीच का रास्ता निकालते हुए राजद के नाम पर दरभंगा के लहेरिया सराय में एक जमीन का टुकड़ा लिखवाया और वीआईपी पार्टी से उन्हें मधुबनी से लोकसभा चुनाव लड़वाया। पूर्वे ने जमीन के कागज तेजस्वी यादव को दिये, जिसे तेजस्वी ने सहर्ष स्वीकार किया। वायरल तस्वीर इस बात की गवाह है।
बताया जाता है कि जिस शख्स से जमीन लिखवायी गयी है उसका नाम अमित कुमार है। अमित कुमार बद्री पूर्वे के रिश्ते में साले हैं। बद्री पूर्वे ने अमित कुमार से आरजेडी कार्यालय के नाम पर जमीन को दान करवाया। पांच हजार रुपये के स्टांप पेपर पर इस जमीन को दान में आरजेडी कार्यालय को दिया गया है।
जेडीयू सांसद ललन सिंह ने लालू परिवार पर हमला बोलते हुए कहा कि लालू कभी भी गरीबों के मसीहा नहीं रहे हैं। उन्होंने गरीबों को लूटकर सिर्फ अपना घर भरा है। तेजस्वी भी अपने पिता लालू यादव के नक्शे कदम पर चल रहे हैं। वह भी लालू यादव की तरह जमीन लिखवाकर लोगों को नौकरी और राजनीति में स्थापित कर रहे हैं। ललन सिंह ने पूछा कि तेजस्वी बिहार के लोगों को यह ट्रिक बताएं कि इतनी कम उम्र में अकूत संपत्ति कैसे बनाई जाती है?
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