प्रहरी संवाददाता/ मुजफ्फरपुर (बिहार)। बिहार (Bihar) के निजी अस्पतालों में कोरोना संक्रमितों के इलाज को लेकर इलाज की दर तय करने की जिम्मेदारी जिलों के जिलाधिकारियों को सौंपे जाने के निर्णय की समीक्षा की जाएगी। साथ ही, विभागीय स्तर पर ही अब इलाज की दर तय की जाएगी।
स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव प्रत्यय अमृत ने 12 अगस्त को कहा कि अलग-अलग जिलों में स्थित निजी अस्पतालों में सुविधाओं में भी भिन्नता है। ऐसे में विभाग नए सिरे से इस निर्णय की समीक्षा कर उचित कार्रवाई करेगा। गौरतलब है कि स्वास्थ्य विभाग ने एक माह पहले निजी अस्पतालों में कोरोना मरीजों के इलाज की दर तय करने का निर्देश सभी 38 जिलों के जिलाधिकारियों को दिया था।
बावजूद इसके अबतक किसी भी जिले में दर तय नहीं किया जा सका है। कई जिलों में निजी अस्पतालों में कोरोना मरीज भर्ती तो किये जा रहे हैं लेकिन इलाज की दर तय नहीं होने से मरीजों से मनमानी रकम वसूली जा रही है। सरकार को इसे लेकर कई तरह की शिकायतें मिलने के बाद अब विभाग गंभीर हुआ है।
जानकारी के अनुसार स्वास्थ विभाग द्वारा प्रमंडलीय मुख्यालय में स्थित निजी अस्पतालों और अन्य जिलों में स्थित निजी अस्पतालों में इलाज की अलग-अलग दर तय किये जाने पर विचार किया जा सकता है। साथ ही इसके लिए सुपर स्पेशियलिटी और सामान्य अस्पतालों में इलाज की दर भी अलग-अलग हो सकती है।
349 total views, 1 views today