प्रहरी संवाददाता/ मुजफ्फरपुर (बिहार)। कोरोना (Coronavirus) काल से राशन वितरण में धांधली करने वालों पर मुजफ्फरपुर पुलिस की कार्रवाई ठंडे बस्ते में है। बता दें कि जिले में राशन वितरण में गड़बड़ी करने वाले दो दर्जन डीलरों पर प्राथमिकी दर्ज की जा चुकी है। वहीं 35 डीलरों के लाइसेंस भी रद किए जा चुके हैं। जिन डीलरों पर प्राथमिकी दर्ज है उन पर कोरोना के चलते पुलिस की कार्रवाई अबतक शिथिल है।
सरकार के प्रयास के बाद भी खाद्यान्न वितरण में गड़बड़ी की शिकायतें कम नहीं हो रही हैं। गड़बड़ी रोकने को सभी पंचायत स्तर पर पदाधिकारियों की तैनाती भी की गई है। इसके बाद भी कुछ डीलरों के मनमानी रवैये से भ्रष्टाचार रुकने का नाम नहीं ले रहा है। दूसरी ओर धरातल पर वास्तविक हालात ये हैं कि किसी को मुफ्त में दाल नहीं मिलती तो किसी को चावल। हालांकि आपूर्ति पदाधिकारी महमूद आलम कहते हैं कि सभी जगहों पर नियम के तहत राशन का वितरण किया जा रहा है। कोरोना के साथ बाढ़ से जिले के कई इलाकों में राशन वितरण की गति अभी धीमी है।
धांधली का आलम यह है कि जनवितरण प्रणाली के 35 दुकानदारों ने अनाज माफिया से साठगांठ कर गरीबों का खाद्यान्न माफिया तत्त्वों के हाथों बेच दिया। डीएम डॉ. चंद्रशेखर सिंह ने संज्ञान लेते हुए त्वरित पदाधिकारियों की टीम गठित कर सभी जगहों पर जांच कराई। जांच रिपोर्ट के आधार पर 35 डीलरों के लाइसेंस रद कर दिए गए।
करीब दो दर्जन डीलरों पर प्राथमिकी भी दर्ज कराई गई। संबंधित थानों की पुलिस ने प्राथमिकी तो दर्ज कर ली, लेकिन कोरोना के कारण आरोपितों की गिरफ्तारी में पुलिस रुचि नहीं ले रही है। जांच की आंच दो प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारियों पर भी पड़ी। इसके तहत औराई व पारू के प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया।
कोरोना के संकट में वितरण व्यवस्था आसान हो सके। इसके लिए सरकार ने कई जगहों पर बिना पॉश मशीन से राशन का वितरण कराया। इसमें निचले स्तर पर मनमानी शुरू हो गई। इससे पिछले दो महीने से फिर पॉश मशीन से ही वितरण कराया जा रहा है। हालांकि डीलरों के संगठनों ने पॉश मशीन की जगह वैकल्पिक व्यवस्था कराने की मांग की है।
हालांकि अब तक इस पर कोई पहल नहीं हो सकी है। इस बारे में डीएम डॉ सिंह ने कहा कि राशन वितरण में गड़बड़ी करने वाले किसी भी सूरत में बख्शे नहीं जाएंगे। ऐसे लोगों पर सख्त कार्रवाई की गई है। 35 डीलरों के लाइसेंस रद करने के साथ दो प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी को निलंबित भी किया गया है।
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