कोरोना के पॉजिटिव इफेक्ट!
प्रहरी संवाददाता/ मुजफ्फरपुर(बिहार)। कोरोना काल में जहां इंसानों की गतिविधियां कम हुईं तो पर्यावरण का संतुलन बनने लगा। यही वजह है कि वनों के पशु कभी शहरों में तो कभी गांवों में खुलेआम विचरने लगे। इसी क्रम में पूर्णिया के परमान नदी में भी 3 जुलाई को अनोखा नजारा देखने को मिला। गंगा में रहने वाली राष्ट्रीय जलीय जीव डॉल्फिन (Dolphin) परमान नदी पहुंच गई।
दरअसल जलालगढ़ थाना के हद में पीपरपाती गांव में एक मछुआरे के जाल में डॉल्फिन फंस गयी। मछुआरा मोहम्मद कयूम ने बताया कि वह गांव में परमान नदी में मछली मारने गए थे। तभी जाल में डॉल्फिन फंस गयी। वह इसे बड़ी मछली समझ कर जब नदी के किनारे ले आए तो अजीब सी मछली समझ कर उसने नदी किनारे जाल को बांध दिया। इसके बाद डॉल्फिन को देखने के लिए वहां लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी।
रहिवसियों ने तत्काल इसकी सूचना जलालगढ़ थाना प्रभारी मेनका रानी और जलालगढ़ के बीडीओ को दी। सूचना मिलते ही अधिकारी मौके पर पहुंचे तो पाया कि अमूमन गंगा में पायी जाने वाली राष्ट्रीय जलीय जीव डॉल्फिन है। थाना प्रभारी ने तुरंत इसकी सूचना वन विभाग को दी।
सूचना पाकर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंचकर डॉल्फिन को अपने कब्जे में ले लिया। वन कर्मियों ने बताया कि वे लोग इसे गंगा नदी में छोड़ देंगे। गौरतलब है कि डॉल्फिन के शिकार पर देश में रोक है। इसे राष्ट्रीय जलीय जीव की श्रेणी में रखा गया है। बहरहाल परमान नदी में डॉल्फिन मिलने से इलाके में कई तरह की चर्चा शुरू हो गई हैं।
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