भारी वाहनों के परिचालन पर रोक
प्रहरी संवाददाता/ मुजफ्फरपुर (बिहार)। मुजफ्फरपुर (Muzaffarpur) जिला के हद में बुढ़ी गंडक नदी पिलखी पुल का एप्रोच पथ बीते 20 जुलाई की सुबह से हो रही लगातार मूसलाधार बारिश के पानी में बह गया। पुल की एक ओर अधिक कटाव है जबकि दूसरी ओर कम कटाव है। पुल क्षतिग्रस्त होने पर स्थानीय मुखिया सीता देवी के नेतृत्व ग्रामीणों ने बांस बल्ला से घेर दिया है।
स्थानीय रहिवासियों ने बताया कि पुल पर भारी वाहनों का परिचालन बंद नहीं किया गया तो कभी भी यहां बड़ा हादसा हो सकता है। पुल पर बूढी गंडक नदी में तेजी से बढ़ रहे जल स्तर से दबाव भी बढ़ा है। मुखिया व ग्रामीणों के अनुसार जिस तरह से एप्रोच पथ बारिश के पानी के कटाव से बह गया है। उसकी वजह से पुल पर वाहनों का परिचालन रोकने में प्रशासन व पुलिस को तत्पर रहना चाहिए। दो घंटे से ग्रामीण मुखिया के साथ पुल के एप्रोच हिस्से को घेरने में लगे हैं।
अब तक प्रशासन व पुलिस इसकी खबर तक नहीं ली है। पुल से होकर मधुबनी, दरभंगा, सीतामढ़ी जिले के अलावा मुजफ्फरपुर के बंदरा, कटरा, गायघाट प्रखंड इलाके में बड़ी-बड़ी खाली और लोड ट्रक सबसे अधिक गुजरती हैं। पुल के एप्रोच पथ के क्षतिग्रस्त हिस्से के दोनों ओर बारिश होने पर सकरा व मुरौल से मधुबनी, सीतामढ़ी व दरभंगा जिले के साथ बंदरा, कटरा और गायघाट का संपर्क टूट जाएगा। जिसको लेकर पुल पर अधिक खतरा बना हुआ है। मुखिया सीता देवी ने पुल के एप्रोच पथ के मरम्मत का कार्य शीघ्र प्रशासन से करवाने की मांग की है।
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