सीएम नीतीश कुमार ने प्रभावित इलाकों का किया हवाई सर्वेक्षण
प्रहरी संवाददाता/ मुजफ्फरपुर (बिहार)। लगातार हो रहे बारिश के बीच बिहार (Bihar) में बाढ़ का खतरा बढ़ता जा रहा है। राज्य के अब तक 59 लाख से अधिक लोग बाढ़ से प्रभावित हो चुके हैं। बिहार में भारी बारिश के बाद कई इलाकों में जल भराव की स्थिति बन गई है। हालातों का जायजा लेने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (Nitish Kumar) ने 5 अगस्त को बाढ़ प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वे किया। वहीं, बाढ़ में फंसे लोगों के लिए हेलिकॉप्टर की मदद से खाने का पैकेट और राहत सामग्री भी पहुंचाई जा रही है।
इधर आपदा प्रबंधन विभाग ने जारी बुलेटिन में कहा कि पिछले 24 घंटे में राज्य की 16 नए पंचायतों में बाढ़ का पानी प्रवेश कर गया है। इसके साथ अब राज्य के 14 जिलों के 114 प्रखंडों की 1098 पंचायतों की 59 लाख 70 हजार लोग बाढ़ से बुरी तरह प्रभावित हो गए हैं। जबकि बाढ़ के कारण राज्य में अब तक कई लोगों की मौतें हो चुकी है।
माना जा रहा है कि नेपाल में बांध का कार्य शुरू नहीं होने की वजह से बिहार में बाढ़ के हालात लगातार उत्पन्न हो रहे हैं। देश में बाढ़ के हालात का आंकलन करने वाली एजेंसी सेंट्रल वॉटर कमिशन का ऐसा मानना है। सीडब्ल्यूसी के मुताबिक बिहार के 24 जिले फिलहाल बारिश और बाढ़ से प्रभावित है। इस लिहाज से राज्य की स्थिति चिंताजनक है।
बिहार के करीब एक दर्जन जिले जो कि भारत नेपाल सीमा से सटे हैं वहां हर साल बाढ़ आती है। नेपाल में कुछ बांध बनने हैं जिसका फायदा यह होगा कि नेपाल की नदियों का पानी वहां के बांध में रुक जाए और बिहार के जिलों में यह न घुस सके। इसमें पंचकोशी, कोसी, बागमती डैम प्रमुख हैं। उन नदियों पर बांध निर्माण कार्य शुरू ही नहीं हो सका है। जिस वजह से हर साल की तरह इस साल भी बहुत ज्यादा पानी भारत में घुस चुका है।
आपदा प्रबंधन विभाग ने प्रेस कांफ्रेंस में बताया कि एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की 30 से ज्यादा टीमों को बाढ़ प्रभावितों इलाकों में राहत और बचाव कार्य में लगाया गया है। कम्यूनिटी किचन भी कई इलाकों में चलाए जा रहे हैं। जहां से हर रोज 8 लाख से अधिक लोगों को भोजन मुहैया कराया जा रहा है। राहत केंद्रों में 17 हजार से ज्यादा लोगों को रखा गया है।
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