प्रहरी संवाददाता/ मुजफ्फरपुर (बिहार)। बीते वर्ष 2019 की बारिश में जब पटना (Patna) डूबा था तब नीतीश के खास माने जाने वाले आईएएस अधिकारी अनुपम कुमार सुमन पटना के नगर आयुक्त थे। जब उनपर गाज गिरी तब भी वह चुप रहे। पूरे एक साल बाद सुमन पहली बार सामने आए और सीएम नीतीश के खिलाफ उतरने के साफ संकेत दिया है।
उन्होंने साफ कहा कि सरकार को उनकी नेतृत्व क्षमता पर शक था। वे अब प्लूरल्स पार्टी की सरकार बनाकर बताएंगे कि नेतृत्व कैसे किया जाता है। सुमन ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को तो यह भी पता नहीं कि सीवरेज और ड्रेनेज सिस्टम में क्या अंतर है। पुष्पम प्रिया चौधरी के नेतृत्व वाली पार्टी प्लूरल्स सभी 243 सीट पर अपने उम्मीदवार उतारेगी। पूरे बिहार में जहां भी प्रिया जा रहीं हैं, लोग नेतृत्व बदलने की आशाओं के साथ उन्हें देख रहे हैं।
नरक निगम है पटना का नगर निगम-पूर्व नगर निगम आयुक्त
पूर्व नगर आयुक्त ने कहा कि पटना नगर निगम नरक निगम है। वे आईएएस पैसा कमाने के लिए नहीं बने थे। नौकरशाही में पैसा कमाने का धंधा नहीं चलाने पर परेशानी होती है। यह उनके साथ भी हुआ। वर्ष 2019 में पटना में हुए जल जमाव के लिए सरकार और विभाग जिम्मेदार था न कि वे। उन्होंने कहा कि नगर निगम की कोई हैसियत नहीं है। पटना नगर निगम के हालत इतने खराब हैं कि कोई अधिकारी यहां आना नहीं चाहता। मुझ पर लगे सभी आरोप गलत हैं। जिस समय जल जमाव हुआ मैं नगर आयुक्त नहीं था। मैंने 3 अगस्त को पद छोड़ दिया था, जबकि बाढ़ सितंबर में आई थी।
नीतीश के करीबी रहे हैं अनुपम कुमार सुमन
एक समय अनुपम कुमार की गिनती मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (Nitish Kumar) के खासम-खास अधिकारियों में होती थी। अनुपम गुजरात कैडर के अधिकारी थे। नीतीश कुमार की पहल पर वह बिहार सेवा में आए। नीतीश ने उन्हें कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां दी। वह लंबे समय तक मुख्यमंत्री सचिवालय में सचिव और विशेष सचिव रहे। कुछ दिन पहले अनुपम को पिछले साल हुए जल जमाव पर कारण बताओ नोटिस मिला। जिसके बाद एक सितंबर को उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस किया।
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