प्रहरी संवाददाता/ मुजफ्फरपुर (बिहार)। कोरोना संक्रमित मरीजों के इलाज के लिए भारतीय सेना की तरफ से मुजफ्फरपुर (Muzaffarpur) जिले के पताही में टेंट सिटी अस्पताल बनाया जाएगा। दिल्ली मुख्यालय से हरी झंडी मिलने के बाद इसकी कवायद शुरू कर दी गई है।
जानकारी के अनुसार उक्त अस्पताल पांच सौ बेड का होगा, जिसमें कोरोना (Coronavirus) के गंभीर मरीजों का इलाज किया जाएगा। हालांकि यह अस्थायी होगा। मुजफ्फरपुर के अलावा आसपास के जिलों के मरीजों को भी यहां चिकित्सा सुविधा दी जायेगी। इसके अलावा दक्षिण बिहार के संबंधित जिलों के लिए पटना में भी सेना की तरफ से अस्पताल बनाया जाना है। संभावना जताई जा रही है कि अगले 15 दिनों में ये अस्पताल चालू हो जाएंगे।
पताही में अस्पताल निर्माण स्थल पर बिजली, पानी व सड़क समेत कई अन्य व्यवस्था जिला प्रशासन को करना है। डीएम डॉ. चंद्रशेखर सिंह ने बताया कि इसके लिए 30 जुलाई को सभी संबंधित विभागों की बैठक बुलाई गई है।
बताया गया कि उक्त अस्पताल के सभी वार्ड वातानुकूलित होंगे। वहां बेहतर बिजली की व्यवस्था व प्रत्येक दिन एक लाख लीटर पानी की जरूरत पड़ेगी। यह व्यवस्था भी जिला प्रशासन को करनी है। साथ ही संपर्क सड़क भी जिला प्रशासन की तरफ से बनाया जाएगा। चार दिन पूर्व रक्षा मंत्रालय के डिफेंस रिसर्च एंड डेवेलपमेंट ऑर्गेनाइजेशन (डीआरडीओ) की टीम ने स्थानीय प्रशासनिक अधिकारियों के साथ जिले के चक्कर मैदान, एमआइटी परिसर, पताही एयरपोर्ट और झपहां के सीआरपीएफ कैंप में स्थल निरीक्षण किया था।
निरीक्षण के बाद रक्षा मंत्रालय की टीम दिल्ली लौट गई। इसके बाद तय हुआ कि पताही एयरपोर्ट के समीप टेंट सिटी अस्पताल बनाया जाएगा। नगर थाना क्षेत्र के दुर्गा स्थान काली कोठी रोड नंबर एक में प्रशासन के आदेश पर कंटेनमेंट जोन बनाया गया है। बावजूद लोगों की धड़ल्ले से आवाजाही हो रही है।
जहां-तहां लोग थूक रहे हैं। इससे संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है। इसको लेकर इलाके के लोग घबराए हुए है। मोहल्लेवासियों ने एसडीओ को आवेदन देकर कंटेनमेंट जोन में आवाजाही पर रोक लगाने की मांग की है। लोगों का कहना है कि इलाके में कई आवासीय व व्यावसायिक गोदाम हैं। इसके कारण पूरे दिन मालवाहकों व लोगों का आना जाना जारी रहता है।
446 total views, 1 views today