पटना। बिहार में बाढ़ का कहर जारी है। छपरा में अभी भी स्थिति बदतर है। बाढ़ के चपेट में आने से सोमवार को भी तीन लोगों मौत हो गयी। इससे पहले भी छह लोगों की मौत हो चुकी है। सीवान में सरयू नदी खतरें के निशान के ऊपर बह रही है। सरयू कभी भी तबाही मचा सकती है। हालांकि बाढ़ से कुछ इलाकों में लोगों को राहत भी मिल रही है, लेकिन कई इलाकों में लोगों को वह मुसीबत में डाल रही है। गोपालगंज में जहां पानी स्थिर है, वहीं कुछ इलाकों से पानी कम होने लगा है। ऐसे इलाकों में अब बीमारियां फैलने की आशंका बढ़ गयी है।
वहीं पूर्वी चंपारण के मधुबन के कई गांवों में दोबारा पानी घुस गया है। दरभंगा के बहेड़ी में जीवछ नदी का तटबंध टूट गया। समस्तीपुर-दरभंगा रेल खंड पर ट्रेनों का परिचालन अब भी बंद है। आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार बाढ़ से मरने वालों की संख्या 304 हो गयी है। पिछले 24 घंटे में आधा सैकड़ा से अधिक लोगों की मौत हुई है। अब तक बाढ़ से सबसे अधिक 57 लोगों की मौत अररिया जिले में हुई है, जबकि सीतामढ़ी में 31 की मौत हो चुकी है।
मुजफ्फरपुर शहर के पांच वार्ड के दो दर्जन मोहल्लों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। प्रशासन ने वार्ड संख्या 45, 46, 47, 48 व 49 के लोगों को सुरक्षित व ऊंचे स्थान पर चले जाने के लिए रविवार की रात माइकिंग करायी। देर रात सोडा गोदाम व बड़ी कोठिया बांध से भी रिसाव भी शुरू हो चुका था। बाढ़ का पानी लगातार पूरब व दक्षिण-पश्चिम दिशा की ओर बढ़ रहा है।
जल स्तर में कमी आने के बाद लोग वापस अपने घरों को लौटने लगे हैं। सरकार द्वारा संचालित राहत शिविरों में 50 हजार से अधिक लोगों ने शरण ले रखी है। जिन इलाकों में पानी कम होने लगा है, वहां लोग अब धीरे-धीरे अपने घरों की ओर जाने लगे हैं। लेकिन वहां भी स्थिति काफी खराब है।
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