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मरते-मरते ‘रावण’ ने बचाई 8 लोगों की जान

साभार/ अमृतसर। दशहरे पर देशभर में रावण दहन कर खुशियां मनाई गईं लेकिन अमृतसर में ‘रावण’ की मौत से लोग गमजदा हैं। अमृतसर में जोड़ा फाटक की रामलीला में रावण का किरदार निभाने वाले दलबीर सिंह भी ट्रेन हादसे का शिकार हो गए। शुक्रवार को रावण की भूमिका निभाने के बाद दलबीर रेल की पटरियों पर खड़े होकर पुतले को जलते हुए देख रहे थे तभी 60 अन्य लोगों के साथ ट्रेन की चपेट में आने से उनकी मौत हो गई।

दलबीर ने अपनी जान की परवाह किए बिना कई लोगों को रेल की पटरियों से हटाकर उनकी जान बचाई थी। दलबीर के एक दोस्त ने बताया कि तेज रफ्तार से आ रही ट्रेन को देखकर वह (दलबीर) उन्हें बचाने के लिए भागा था। उन्होंने कहा, ‘दलबीर ने सात से आठ लोगों को रेल की पटरियों से पीछे धकेला लेकिन उसकी नियति में कुछ और ही लिखा था। ट्रेन ने उसे कुचल दिया जिससे मौके पर ही उसकी मौत हो गई।’ दलबीर की आठ माह की एक बेटी है।

परिवारवालों का रो-रोकर बुरा हाल है। पत्नी बेसुध है और मां अपनी भावनाओं को काबू नहीं कर पा रही हैं। मां रोते हुए कहती हैं, ‘मेरा बेटा कई वर्षों से रामलीला में अलग-अलग किरदार निभाता रहा है।’ मां ने सरकार से दलबीर की पत्नी को नौकरी दिलाने की अपील की है। आपको बता दें कि घटना के बाद पंजाब सरकार की ओर से मृतकों के परिजनों के लिए पांच-पांच लाख रुपये मुआवजे का ऐलान किया गया है। शुक्रवार शाम करीब 7 बजे यह हादसा अमृतसर और मनावला के बीच फाटक नंबर 27 के पास हुआ।

हादसे के बाद चश्मदीदों ने बताया, ‘भीड़भाड़ वाले इलाके से गुजरते हुए ट्रेन की रफ्तार अमूमन कम होती है लेकिन हादसे के वक्त ट्रेन काफी तेजी से गुजरी।’ उनका कहना था कि ऐसा मंजर उन्होंने पहले कभी नहीं देखा। वे अपने परिजनों को हादसे के बाद पहचान नहीं पा रहे थे। एक चश्मदीद के मुताबिक, ‘हादसे के बाद हाथ-पैर मिल जाते थे लेकिन यहां तो कुछ नहीं मिल रहा। हम पहचान नहीं पा रहे कि हमारे लोग कौन हैं।’




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