मुंबई। देश में मॉब लिंचिंग की बढ़ती वारदातों को लेकर कला, चिकित्सा व शिक्षा जगत की 49 हस्तियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा है। पत्र में मॉब लिंचिंग की बढ़ती घटनाओं पर गहरी चिंता व्यक्त की गई है। पीएम मोदी को पत्र लिखने वालों में फिल्म निर्देशक श्याम बेनेगल, मणिरत्नम, अदूर गोपालकृष्णन, रामचंद्र गुहा, अनुराग कश्यप जैसी कई हस्तियां शामिल हैं। हालांकि मणिरत्नम के कार्यालय ने इस पत्र में उनका हस्ताक्षर होने से इंकार किया है।
इन हस्तियों ने पीएम मोदी से मुसलमानों, दलितों और दूसरे अल्पसंख्यकों की लिंचिंग को रोकने के लिए कड़े कदम उठाने की मांग की है। पत्र में नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो के आंकड़ों के आधार पर कहा है गया है कि 1 जनवरी 2009 से लेकर 29 अक्टूबर 2018 के बीच धर्म की पहचान पर 254 अपराध दर्ज किए गए हैं। इस दौरान 91 लोगों की हत्या हुई और 579 लोग घायल हुए। इन हस्तियों का आरोप है कि साल 2014 में बीजेपी सरकार आने के बाद इस तरह की वारदातों में इजाफा हुआ है।
पत्र में लिखा गया है कि पीएम मोदी ने संसद में इन वारदातों की आलोचना की है, लेकिन ये काफी नहीं है। हस्तियों ने इन अपराधों को गैर जमानती बनाने का सुझाव दिया है। हत्या के दोषियों को बिना पैरोल के आजीवन कारावास की सजा दी जा सकती है।
इस पत्र का बॉलीवुड के अंदर से ही विरोध शुरू हो गया है। फिल्म मेकर व एक्टिविस्ट अशोक पंडित ने कहा कि नरेंद्र मोदी की सत्ता में दोबारा वापसी और आने वाले विधानसभा चुनाव के मद्देनजर फिर से असहिष्णुता के नाम पर बरसाती मेढक बाहर निकल रहे हैं। फिल्म निर्देशक विवेक अग्निहोत्री ने कहा कि इन हास्तियों की मंशा मदद करने की नहीं, बल्कि लोकप्रियता पाने की है। यदि मदद करना चाहते हैं तो वे खुला पत्र लिखने की जगह सीधे प्रधानमंत्री से मिल कर अपनी बात रखते।
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