भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य संहिता
गंगोत्री प्रसाद सिंह/हाजीपुर (वैशाली)। आगामी 1 जुलाई से अंग्रेजों द्वारा बनाये गये भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) 1860, भारतीय दण्ड प्रक्रिया संहिता और इंडियन एविडेंस एक्ट के बदले पूरे देश में लागू होगा भारतीय संसद द्वारा बनाया नया कानून।
जानकारी के अनुसार आगामी एक जुलाई से पुरे देश में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य संहिता 2023 लागू कर दिया जायेगा। इसमें कानून को लागू करने वाली संस्थाएं पुलिस प्रशासन, न्यायपालिका और अधिवक्ता अपने को प्रशिक्षित कर रहे हैं।
इसी क्रम में वैशाली जिला पुलिस प्रशासन द्वारा जिले के पुलिस पदाधिकारियो के लिए समाहरणालय स्थित सभाकक्ष में विगत 10 दिनों से तीन सत्र में चले तीन दिवसीय नए अपराधिक कानुन प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन 20 जून को पुलिस अधीक्षक वैशाली के उपस्थिति में किया गया।
उक्त प्रशिक्षण में जिले के सभी पुलिस पदाधिकारी, अनुसंधानकर्ता को आगामी एक जुलाई से लागू होने वाले नए अपराधिक कानून के उपयोग, सीसीटीएनएस पोर्टल पर सभी कार्यों की नियमित एंट्री, साक्ष्यों का संकलन, महिला हिंसा की रोकथाम, संगठित अपराध गिरोह पर विशेष कानून, ई एफआईआर, जीरो एफआईआर, आदि।
सात वर्षो से अधिक सजा के मामले में फोरेंसिक टीम द्वारा साक्ष्य संकलन, चैन ऑफ कस्टडी, फिंगर प्रिंट, वाइस सैंपल, इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य संकलन, इंटरनेट बेस्ड इन्वेस्टिगेशन, कांड दैनिकी लेखन और नागरिक केंद्रित पुलिसिंग पर प्रशिक्षण दिया गया। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में जिले के वरीय और कनीय सभी पुलिस पदाधिकारियों ने भाग लिया।
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