प्रहरी संवाददाता/पेटरवार (बोकारो)। सदगुरु सदाफल देवजी के उपदेशों को भली भांति समझने की जरूरत है। जीवन में कठिन से कठिन समस्याएं उत्पन्न होने पर सच्चे मन से सदगुरु के शरणागत होने पर समस्याएं दूर हो जाती है।
उक्त बातें विहंगम योग संत समाज के राष्ट्रीय प्रचारक सह प्रवक्ता बिंदेश्वरी दुबे ने कही। उन्होंने 20 जून को बोकारो से आकर पेटरवार प्रखंड के हद में अंगवाली स्थित सदगुरु सदाफल देव मंदिर में विहंगम योग संत समाज द्वारा आयोजित एक दिवसीय गोष्ठी में उपदेश दे रहे थे।
उन्होंने भगवत गीता में भगवान श्रीकृष्ण द्वारा अर्जुन को दिये गए उपदेशों का उल्लेख करते हुए कहा कि सदगुरु के विचारों को भली भांति समझने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि मन के आंतरिक भावनाओं को समझे। गीता के अठारह अध्याय है। कहा कि सेवा की भावना में अहंकार नहीं होनी चाहिए।
जिला संयोजक नीलकंठ रविदास, कोयलांचल संयोजक आनंद केशरी, उपदेष्टा शिवचंद यादव, पंचानन साव, नरेश मिश्रा आदि ने भी उपस्थित धर्म पीपासूओ को संदेश दिए। इसके पूर्व राष्ट्रीय प्रचारक बिंदेश्वरी दुबे को अंगवाली संत समाज द्वारा अंग वस्त्र से स्वागत किया गया।
मौके पर रमेश ठाकुर, परमेश्वर नायक, लालदेव यादव, विक्की कुमार, दशरथ मोदी, संजय नायक, गंगा साव, गोपाल दत्ता, बलभद्र नायक, अशोक सोनी, उमाशंकर साव, छोटन नायक, चेतलाल सिंह, महानंद साव, सूदन मिश्रा सहित एक दर्जन महिला श्रद्धालू भी उपस्थित थी।
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