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नक्सलियों ने रेल लाइन उड़ाकर शासन को दी बड़ी चुनौती

सिद्धार्थ पांडेय/चाईबासा (पश्चिम सिंहभूम)। उड़ीसा के रॉक्सी और रेंगड़ा स्टेशन के बीच नक्सलियों ने बीते 2-3 अगस्त की रात्रि रेल पटरी को विस्फोट कर उड़ा दिया, जिससे इस रेल खंड पर आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया।

घटना नक्सलियों द्वारा घोषित 24 घंटे के भारत बंद के ठीक बाद की बतायी जा रही है। जिसका मकसद सरकार और आम जनता के बीच भय और अस्थिरता फैलाना है। जानकारी के अनुसार, घटना देर रात 12 बजे के बाद हुई, जब नक्सलियों ने पूर्व नियोजित ढंग से पटरी को विस्फोट से उड़ाने की कोशिश की। विस्फोट की तीव्रता इतनी कम थी कि रेल पटरी को विशेष नुकसान नहीं पहुंचा है। सिर्फ सीमेंट का स्लीपर क्षतिग्रस्त हुआ। नक्सलियों ने रेल लाइन पर बैनर भी लगा दिया है। घटना के तुरंत बाद रेलवे विभाग और स्थानीय प्रशासन हरकत में आयी।

प्रतिबंधित नक्सली संगठन माओवादी ने झारखंड, उड़ीसा, बिहार और छत्तीसगढ़ में 24 घंटे के भारत बंद का आह्वान किया है, जो बीती रात 12 बजे से प्रभावी हो गया है। बंद के समर्थन में नक्सलियों ने पर्चे और पोस्टर छोड़े हैं, जिसमें उन्होंने पुलिसिया दमन के खिलाफ जन प्रतिरोध की अपील की है। घटना के बाद झारखंड और उड़ीसा की सीमा पर भारी संख्या में सुरक्षा बलों को तैनात कर दिया गया है। सारंडा के घने जंगलों, नक्सल प्रभावित सारंडा क्षेत्र में पुलिस व सीआरपीएफ की संयुक्त टीम सघन सर्च ऑपरेशन चला रही है। रेल पटरी उड़ाने की कोशिश कोई नई रणनीति नहीं है।

पिछले वर्षों में भी नक्सलियों ने कई बार ट्रेनों को रोकने, रेलवे स्टेशन को आग के हवाले करने और इंजीनियरों का अपहरण करने जैसी घटनाएं की हैं। यह हमला फिर एक बार दर्शाता है कि सीमावर्ती क्षेत्रों में अभी भी नक्सली संगठन पूरी तरह समाप्त नहीं हुए हैं और वे चुनिंदा अवसरों पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराना जानते हैं।

 

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