ममता सिन्हा/तेनुघाट (बोकारो)। नेपाल से भारत पहुंचे इंडो नेपाल डॉक्टर्स फोरम के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ पी के ठाकुर 25 अगस्त को भारत भ्रमण के क्रम में 25 अगस्त को बोकारो जिला के हद में तेनुघाट पहुंचे।
इस अवसर पर डॉ ठाकुर ने कहा कि यह फोरम भारत और नेपाल के बीच बेहतर संबंध को लेकर के हमेशा से प्रयासरत रहा है। बोकारो के तेनुघाट में प्रेस वार्ता के दौरान उन्होंने कहा कि उनका ऐसा मानना है कि भारत और नेपाल में बेटी रोटी का संबंध रहा है और दोनों देशों के बीच होने वाली समस्या को लेकर सरकारें एक दूसरे को सहयोग करते रहे हैं। कहा कि वर्तमान में नेपाल में जातीय संघर्ष चरम पर है, जिसमें खस आर्य जिनके द्वारा लगातार वहां शासन रहा है जो हमेशा से तराई क्षेत्र के मधेशी एवं दलित शोषित का लगातार शोषण करता रहा है, इसी शोषण के खिलाफ भारत समर्थित नेता उपेंद्र यादव जो नेपाल सरकार में उप प्रधानमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री भी रहे हैं।
इनका मानना है कि अभी नेपाल में भूमि विधेयक बील लाया गया। अगर वह बील पास हो जाता तो मधेसियो के जमीन पर भू माफियाओ का कब्जा हो जाता। जिसका विरोध यादव ने किया। जिससे इनकी लोकप्रियता बढ़ने लगी। जिससे घबरा कर नेपाल सरकार 19 साल पहले हुए घटना जिसमें कई रहिवासी मारे गये थे को उभारकर इनको फंसाना चाह रही है।
उन्होंने कहा कि उक्त मामले में वहां की जांच एजेंसी उन्हें दोषी नहीं ठहराया है। इस मामले में फोरम के अध्यक्ष डॉ ठाकुर का मानना है कि भारत नेपाल का संबंध पारिवारिक है। दोनों देशों का बॉर्डर एक दूसरे से मिलता है।
दोनों देशों की सुरक्षा को लेकर सीमा क्षेत्र के रहजवासी परस्पर एक दूसरे का सहयोग करते है। जिससे दोनों देशों का सुरक्षा पर भारी भरकम राशि खर्च होने से बचता है। वे भारत सरकार से इस मामले में हस्तक्षेप करने की अपील करते है, क्योंकि अभी नेपाल के प्रधानमंत्री का भारत दौरा होना है। कहा कि भारत इस मामले को नेपाली प्रधानमंत्री के समक्ष हम मधेसियों के पक्ष को मजबूती से रखें। चुकी दोनों देश मित्र राष्ट्र है।
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