प्रहरी संवाददाता/फुसरो (बोकारो)। बोकारो जिला के हद में अनपति देवी सरस्वती शिशु विद्या मंदिर फुसरो में 22 दिसंबर को महान गणितज्ञ श्रीनिवास रामानुजन का जन्म दिवस मनाया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत विद्यालय के प्रधानाचार्य पंकज कुमार मिश्रा, विद्यालय के उपाध्यक्ष रामनरेश द्विवेदी, विद्यालय के सचिव अमित कुमार सिंह, मुख्य अतिथि बीडीए कॉलेज पिछड़ी के सेवानिवृत आचार्य सच्चिदानंद सिंह, विद्यालय के सेवानिवृत गणिताचार्य उपेन्द्र सिंह, सेवानिवृत आचार्या सविता सिंह एवं कस्तूरबा श्रीविद्या निकेतन के सचिव धीरज कुमार पांडेय द्वारा द्वीप प्रज्ज्वलन एवं पुष्पार्चन द्वारा किया गया।
इस अवसर पर प्रतियोगिता प्रमुख विद्यालय के आचार्य साधन चंद्र धर ने श्रीनिवास रामानुजन के बारे में बताया गया। कहा गया कि हर साल भारत में 22 दिसंबर का दिन राष्ट्रीय गणित दिवस के तौर पर मनाया जाता है। यह दिन गणित के जादूगर और देश के महान गणितज्ञ श्रीनिवास रामानुजन को समर्पित है। इस दिन उनका जन्मदिन है। कहा कि रामानुजन का जन्म 22 दिसंबर, 1887 को तमिलनाडु के इरोड में हुआ था।
भारत सरकार ने वर्ष 2012 में रामानुजन की जयंती को राष्ट्रीय गणित दिवस के तौर पर मनाने का फैसला किया था। इसके बाद से हर वर्ष 22 दिसंबर का दिन राष्ट्रीय गणित दिवस के तौर पर मनाया जाता रहा है। इसी क्रम में आचार्य रवि मोदी ने भी रामानुजन के जीवनी के बारे बताया। मुख्य अतिथि सच्चिदानंद सिंह ने भी उनके जीवनी पर प्रकाश डाला।
गणितज्ञ श्रीनिवास रामानुजन (1887-1920) एक महान भारतीय गणितज्ञ थे, जिनका जन्म तमिलनाडु में हुआ और जिन्होंने बिना किसी औपचारिक प्रशिक्षण के संख्या सिद्धांत, अनंत श्रृंखला और गणितीय विश्लेषण में अभूतपूर्व योगदान दिया। जी. एच. हार्डी के साथ सहयोग करने के लिए कैम्ब्रिज गए, रॉयल सोसाइटी के फेलो चुने गए और मात्र 32 वर्ष की आयु में निधन से पहले लगभग 3900 परिणाम संकलित किए। उनके जन्मदिन (22 दिसंबर) को भारत में राष्ट्रीय गणित दिवस के रूप में मनाया जाता है।

विद्यालय के पूर्व आचार्य उपेन्द्र सिंह ने कहा कि यह दिन महान गणितज्ञ श्रीनिवास रामानुजन के जन्मदिन के रूप में मनाया जाता है। मैथ्स के फील्ड में उनके योगदान को सम्मान देने के लिए हर साल भारत सरकार की ओर वर्ष 2012 से उनकी जयंती को राष्ट्रीय गणित दिवस के रूप में मनाने का निर्णय लिया गया हैं। कहा कि इस दिन को मनाने का एक उद्देश्य ये भी है कि नई पीढ़ी गणित के महत्व को समझे। इसी क्रम में विद्यालय के प्रधानाचार्य ने भी रामानुजन के जीवनी के बारे में प्रकाश डालते हुए कहा कि रामानुजन की जयंती को राष्ट्रीय गणित दिवस के तौर पर मनाया जाता रहा है।
इस अवसर पर विभिन्न प्रकार की गणित की प्रतियोगिता में अरुण से दशम तक के भैया बहनों ने भाग लिया तथा प्रथम, द्वितीय व् तृतीय आने वाले भैया बहनों को पुरस्कृत किया गया। साथ साथ सभी आचार्य दीदीजी की प्रतियोगिता हुई। उन्हें भी पुरस्कृत किया गया। संपूर्ण कार्यक्रम प्रधानाचार्य पंकज कुमार मिश्रा, सचिव अमित कुमार सिंह एवं कस्तूरबा के सचिव धीरज कुमार पांडेय के देखरेख में सम्पन्न कराया गया। कार्यक्रम को सफल बनाने में सभी दीदीजी एवं कर्मचारी बंधु भगिनी का सम्पूर्ण योगदान रहा।
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