प्रहरी संवाददाता/फुसरो (बोकारो)। बोकारो जिला (Bokaro district) के हद में कस्तूरबा श्रीविद्या निकेतन ढोरी में विद्या विकास समिति के निर्देशन में संकुल स्तरीय राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के क्रियान्वयन के लिए 24 सितंबर को कार्यशाला का आयोजन किया गया। इसमें 25 आयामों पर विद्यालय के आचार्य, बंधु भगिनी की ओर से विचार अभिव्यक्त किए गए।
कार्यशाला का शुभारंभ दीप प्रज्वलन कर मुख्य अतिथि सीसीएल ढोरी एरिया के जीएम मनोज कुमार अग्रवाल, विशिष्ट अतिथि एसओपी प्रतुल कुमार, संभाग निरीक्षक धनबाद विभाग अमरकांत झा, धनबाद विभाग के सह प्रमुख विवेक नयन पांडेय, विकास कुमार सिंह, संगठन सह मंत्री सह क्षेत्रीय सुरक्षा समिति सदस्य, भारतीय मजदूर संघ से संबद्ध सीसीएल (CCL) कोलियरी कर्मचारी संघ, कस्तूरबा ढोरी संकुल के संयोजक अमित कुमार सिंह, कस्तूरबा विद्यालय के सचिव धीरज कुमार पांडेय एवं सुमित बंसल ने संयुक्त रूप से किया।
कार्यक्रम की प्रस्तावना धनबाद विभाग के सह निरीक्षक विवेक नयन पांडेय ने प्रस्तुत किया। उन्होंने इस राष्ट्रीय शिक्षा नीति को भारतीय संस्कृति और विचारों से जुड़ा हुआ बताया। अतिथि परिचय का दायित्व कस्तूरबा की प्रभारी प्रधानाचार्य इंद्रावती मिश्रा ने किया।
इस अवसर पर ढोरी क्षेत्र के जीएम अग्रवाल ने बताया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 अपना एक अलग उद्देश्य लेकर आई है। शिक्षा नीति के इस प्रारुप पर देश के 2.5 लाख ग्राम पंचायत, 6600 प्रखंड, 6000 शहरी निकाय एवं 676 जिलों के नागरिकों ने सक्रिय भागीदारी की, जिसके फलस्वरूप 90 हजार से अधिक सुझाव प्राप्त हुए हैं।
ये सुझाव लगभग 70 हजार पृष्ठों में थे। इस प्रकार भारत के हर नागरिक की इच्छा को ध्यान में रखते हुए अभूतपूर्व प्रयास और श्रम के द्वारा बनाई गई यह शिक्षा नीति भारत की आत्मा को प्रतिबिंबित करती है। इस शिक्षा नीति में विद्यालय स्तर से ही छात्र की समग्र बोधगम्यता का पूरा ध्यान रखा गया है।
उन्होंने कहा कि इसमें आयु के अनुसार उचित शिक्षा का प्रावधान है। शिक्षा व्यवस्था में इतने बड़े बदलाव की अनुशंसा नौ सदस्यीय कमेटी ने की है, जिसने इस राष्ट्रीय शिक्षा नीति को मूर्त रूप दिया है। इसके प्रमुख डॉ. के कस्तूरीरंगन इस नीति के प्रमुख सूत्रधार हैं। संतोष कुमार सिन्हा ने अपने उद्बोधन में पीपीटी निर्माण पर प्रकाश डाला।
सस्मिता सिंह, शिक्षिका राजकीय मध्य विद्यालय न्यू भागलपुर ने भी राष्ट्रीय शिक्षा नीति के क्रियान्वयन के संबंध में प्रकाश डाला। सत्र संचालन का दायित्व संभालते हुए बोकारो टू मेक ए क्या है बोकारो टू ए के प्रधानाचार्य दिनेश कुमार मिश्रा ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 स्वतंत्र भारत की तीसरी परिवर्तित शिक्षा नीति है।
इसके 25 विषय हैं, जिनके क्रियान्वयन पर आचार्यों के द्वारा दिए गए विषयों पर पीपीटी निर्माण करना और संबंधित विषयों पर विषय प्रस्तुति देने हेतु यह कार्यशाला का आयोजन किया गया है। कार्यशाला को धनबाद संभाग निरीक्षक अमरकांत झा ने भी संबोधित किया।
इस कार्यशाला में कस्तूरबा संकुल के 6 विद्यालयों ने भाग लिया। यह एक दिवसीय कार्यशाला कुल 4 सत्रों में विभाजित था। कार्यक्रम के अंत में धन्यवाद ज्ञापन कस्तूरबा विद्यालय के सचिव धीरज कुमार पांडेय ने किया। कार्यशाला में लगभग 70 आचार्यों ने सम्मिलित रूप से भाग लिया।
कार्यक्रम में प्रमुख रूप से अशोक सिंह, कमलजीत सिंह, लखन गुप्ता, गणेश पाल, प्रदीप कुमार महतो, अवधेश कुमार सिंह, अनिल चंद्र झा, अनुपमा झा, शैलबाला कुमारी, प्रियंका कुमारी, महेंद्र प्रसाद, संजू ठाकुर, स्नेहा पांडेय, राजेंद्र पांडेय, पुष्पा सिन्हा, विभा सिंह, शिवपूजन सोनी, कुमार गौरव, इंदु सिन्हा सहित अन्य शिक्षक-शिक्षिकाएं उपस्थित थे।
246 total views, 1 views today