रोहिणी मुहूर्त में श्रीकृष्ण जन्मोत्सव की पूजा श्रीवैष्णवों के लिए उत्तम-लक्ष्मणाचार्य
अवध किशोर शर्मा/सारण (बिहार)। सारण जिला के हद में विश्व विख्यात हरिहर क्षेत्र सोनपुर के श्रीगजेन्द्रमोक्ष देवस्थानम् नौलखा मन्दिर में 17 अगस्त की रात श्रीकृष्ण जयंती महोत्सव मनाया गया। इस अवसर पर सम्पूर्ण मंदिर परिसर नन्द के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की, हाथी घोड़ा पालकी, जय कन्हैया लाल की, बृज में आनंद भयो जय यशोदा लाल की भजन से गुंजायमान हो उठा।
इस पावन अवसर पर हरिहर क्षेत्र पीठाधीश्वर जगद्गुरु रामानुजाचार्य स्वामी लक्ष्मणाचार्य महाराज ने अपने प्रवचन मे कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का जन्म भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को मध्य रात्रि में रोहिणी नक्षत्र के संयोग में हुआ था। इस बार रोहिणी नक्षत्र अष्टमी तिथि समाप्त होने के बाद 17 अगस्त को तड़के 4.38 बजे लगा है, यानी रोहिणी नक्षत्र 17 अगस्त को तड़के 4 बजकर 38 मिनट पर ब्रह्म मुहूर्त में लगा है। उन्होंने कहा कि 17 अगस्त रात बन रहे शुभ नक्षत्र रोहिणी मुहूर्त में ही भगवान श्रीकृष्ण जन्मोत्सव की पूजा-उपासना श्रीवैष्णवों के लिए उत्तम है।
इस अवसर पर भगवान के श्रीविग्रह को पंचामृत और विभिन्न रासायनिक द्रव्यों से अभिषेक कर नारायणी जल से स्नान कराया गया। फिर, श्रीकृष्ण का श्रृंगार प्रेम, श्रद्धा और पूरे भक्ति भाव से किया। अंत में उनके सिर पर मोरपंख वाला मुकुट या पगड़ी सजाया गया। गले में फूलों की माला पहनाए गए और हाथ में बांसुरी रखे गए। इस तरह श्रृंगार में भक्ति और प्रेम की झलक दिखाई दे रहे थे। श्रृंगार के बाद भगवान झूले पर विराजमान किए गये।
झूले को फूलों से सजाया गया था। साथ ही भजन-कीर्तन के साथ भगवान को रात ठीक बारह बजे तक श्रद्धालुओं द्वारा झुला झुलाया गया। रात ठीक बारह बजे नन्द को आनन्द भयो जय कन्हैयालाल की हर्षोल्लास पूर्वक गाते हुए भगवान के गर्भ गृह से भगवान लड्डू गोपाल को सिर पर लिए श्रीस्वामी लक्ष्मणाचार्य जी महाराज निकले। श्रद्धालू भक्तगण ताली बजाते हुए नाच -गान करने लगे। घड़ी -घण्ट, कहली वाद्य यंत्र बजाए गए। बधाई गीत गाए गए और साथ -साथ आरती पूजन किए गए।
अन्त में भगवान को राजभोग लगाया गया और सैकड़ों श्रद्धालुओं को महाप्रसाद खिलाया गया। इस अवसर पर भजन गायक श्रीलाल पाठक, ओंकार सिंह, प्रह्लाद कुमार, राधिका,सत्यम और छोटी द्वारा गाए गए मनमोहक गीत से श्रद्धावान सम्मिलित हुए मंत्रमुग्ध होते रहे।उपर्युक्त अवसर पर मन्दिर परिसर जगमग लाईट डेकोरेशन से सुशोभित हो रहा था।
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