एस. पी. सक्सेना/पटना (बिहार)। बिहार की राजधानी पटना की सांस्कृतिक संस्था लोक पंच द्वारा 8 मई की संध्या 7 बजे से प्रयास रंग अड्डा में मृत्युंजय प्रसाद निर्देशित नाटक तलाश का मंचन किया गया।
जानकारी देते हुए कलाकार साझा संघ के सचिव मनीष महीवाल ने बताया कि प्रस्तुत नाटक सुरेन्द्र वर्मा लिखित मरणोपरांत से प्रेरित है। बताया कि नाटक तलाश के कथासार के अनुसार स्त्री का मन क्या चाहता है? इस प्रश्न का उत्तर देना पुरुषों के लिए आसान नहीं है। शायद ही कभी पुरुष स्त्री के अंतर्मन को छू सके। तलाश नाटक इसी सन्दर्भ में है।
बताया कि क्या कभी कोई स्त्री सम्पूर्णता में अपना जीवन जी पाती है? उसका पूरा जीवन इसी खोज में गुज़र जाता है कि शायद कल कोई और पुरुष उसे समझेगा। नाटक में नीरजा एक शादीशुदा महिला है। उसको अपने पति दिवाकर से कोई शिकायत नहीं है। वह अपने पति की इज्जत करती है और उसका ख्याल रखती है। जीवन ठीक चल रहा है, लेकिन वह अभय से भी मन हीं मन प्यार करती है और अपने पति को भी छोड़ना नहीं चाहती। पर उसे निर्णय तो लेना ही होगा, कि वह अपनी बाकी जिंदगी किसके साथ गुजारेगी। दिवाकर या अभय के साथ या सब कुछ ऐसे ही चलता रहेगा?
महीवाल के अनुसार प्रस्तुत नाटक के मंच पर नीरजा: सुकन्या पंडित, दिवाकर: अमन कुभार, अभय: प्रिन्स राज की भूमिका में अपने किरदार को निभाया है। जबकि, मंच से परे प्रकाश व्यवस्था रामप्रवेश, मनीष, मंच सज्जा रजनीश व् विनोद, कार्ड व् फोल्डर जफर आलम, रूप सज्जा ममता तथा अरविंद, वस्त्र विन्यास रितिका, मीडिया अभिजीत चक्रवर्ती, सहायक निर्देशक सोनू कुमार, प्रस्तुति नियंत्रक अभिषेक राज, कहानी प्रस्तुति अजय शुक्ला व सुरेन्द्र वर्मा ने नाटक की प्रस्तुत करने में सहयोग किया है।
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