एस. पी. सक्सेना/रांची (झारखंड)। भाजपा मोदी वाशिंग पाउडर से दूसरे दलों के नेताओं को वाशिंग कर मिस्टर क्लीन बनाकर सबको भाजपा ज्वाइन कराने का कार्य हो रहा है।
उपरोक्त बातें 30 अगस्त को आदिवासी मूलवासी जनाधिकार मंच के केंद्रीय उपाध्यक्ष सह पूर्व विधायक प्रत्याशी विजय शंकर नायक ने झामुमो नेता सह पूर्व सीएम चम्पई सोरेन के भाजपा की सदस्यता ग्रहण करने पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कही।
उन्होंने कहा कि चम्पई सोरेन भाजपा रूपी समुद्र में विधान सभा चुनाव के बाद विलीन हो जाएंगे। उन्होंने कहा कि भाजपा को सिर्फ येन केन प्रकरेण सिर्फ झारखंड में सत्ता चाहिए। इसके लिए भाजपा किसी भी हद तक जा सकती है।
नायक के कहा कि भाजपा को झारखंड के दलित, आदिवासी, मूलवासी समाज के बुनियादी सवालों से कोई लेना देना नहीं है। बस भाजपा को झारखंड के दलित, आदिवासी, मूलवासी समाज का सिर्फ वोट से मतलब है।
जिसके तहत एक सोंची समझी योजना के तहत झारखंड के नेताओ को आगे रख कर वोट के लिए उपयोग और एक्सपेरिमेंट कर देखना चाहती है। वोट मिला तो ठीक अन्यथा दूध से मक्खी की तरह निकालना भाजपा जानती है। जिसका उदाहरण सुरज मंडल, बाबुलाल मरांडी, हेमलाल मुर्मू को देखा जा सकता है।
नायक ने कहा कि भाजपा कितना ही झारखंड में दम लगा ले, अब सत्ता में आना और दलित, आदिवासी, मूलवासियों का वोट मिलना मुश्किल ही नहीं असम्भव भी है। क्योंकि झारखंडी जनता ने इन्हें 14 वर्षो तक सत्ता देने का कार्य किया था।
इन 14 वर्षो में भाजपा नेताओ के चाल चरित्र को देखा और परखा। उसके बाद काफी संघर्ष के बाद ही भाजपा को सत्ता से बेदखल कर झामुमो गठबंधन की सरकार बनी है। हेमंत सरकार जनता के बुनियादी सवालों के समाधान का लगातार प्रयास कर रही है।
नायक ने भाजपा को अनाकोंडा अजगर साँप और झामुमो को होरहोरवा साँप बताते हुए कहा कि एक निगलता है और दूसरा विष विहीन साँप है। जिसके काटने से कुछ नहीं होता। इसलिए झारखंड की जनता ने अजगर (अनाकोंडा) रूपी भाजपा से अपनी जान माल की रक्षा करना चाहती है, इसलिए भाजपा से अब झारखंडी समाज ने दूरी बना लिया है।
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