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सांसद के हस्तक्षेप से टोरी आरओबी निर्माण की जगी नयी उम्मीद

रेल मंत्री ने निदेशालय को दिया टोरी फ्लाई ओवरब्रिज निर्माण की जांच का निर्देश

एस. पी. सक्सेना/लातेहार (झारखंड)। वित्तीय वर्ष 2020 -21 में लातेहार जिला के हद में पुर्व मध्य रेलवे के धनबाद रेल मंडल के टोरी फ्लाई ओवरब्रिज की परियोजना की स्वीकृति मिली लेकिन अबतक कार्य शुरू नहीं किया गया। फ्लाई ओवरब्रिज निर्माण की परियोजना 2020 – 21/287 है।

उक्त परियोजना की स्वीकृति मिले चार वर्ष से अधिक समय हो गया लेकिन इसका निर्माण कार्य अबतक शुरू नहीं किया गया, जो काफी दु:खद और हैरानी की बात है। केंद्रीय रेल मंत्री आश्विनी वैष्णव ने सांसद सुखदेव भगत को लिखे पत्र में जानकारी दी है कि पत्र में उल्लिखित टोरी जंक्शन पर आरओबी निर्माण किए जाने की विस्तृत जांच करें। संबंधित निदेशालय को निर्देश दे दिया गया है। सांसद भगत के हस्तक्षेप से रेलवे मंत्रालय द्वारा टोरी फ्लाई ओवरब्रिज निर्माण की जांच और इसकी प्रक्रिया तेज करने के निर्देश दिए जाने के बाद रहिवासियों में टोरी – चंदवा में फ्लाई ओवरब्रिज की निर्माण कार्य शुरू होने की उम्मीद जगी है।

गौरतलब हो कि लातेहार जिला के हद में चंदवा प्रखंड के कंस्ट्रक्शन ऑफ आरओबी ऐट किलोमीटर 116 ऑफ एनएच- 99 (न्यू – 22) ऐट चंदवा [एलसी क्रमांक-12A/टी] इन द स्टेट ऑफ झारखंड ऑन आईपीसी मोड जॉब क्रमांक एनएच-99/ जेएचआर-2020-21/287 वर्क है। बताया जाता है कि उक्त टोरी – चंदवा फ्लाई ओवरब्रिज की निर्माण के लिए 3 अप्रैल 2021 को ऑनलाइन शिलान्यास किया गया था। केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नीतिन गडकरी और राज्य के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के हांथों शिलान्यास हुए 4 वर्ष से अधिक समय हो गया, लेकिन कार्य अबतक शुरू नहीं हुई।

ज्ञात हो कि टोरी फ्लाई ओवरब्रिज परियोजना की पहले प्राक्कलन ₹43 करोड़ थी, अब न्यु प्राक्कलन में ₹119, 71, 70, 507. 90 करोड़ राशि हो गई। अबतक लगभग छः बार टेंडर निकल चुका है। इसके निर्माण के लिए शुरू में ₹43 करोड़, राशि का आवंटन किया गया, अब न्यु प्राक्कलन में ₹119,71, 70, 507. 90 करोड़ राशि हो गई। इस राशि पर अबतक टेंडर नहीं हुआ है। एक बार टेंडर लेकर संवेदक ने कम राशि होने के कारण छोड़ दिया।

केंद्र व् राज्य सरकार तथा एनएच विभाग की उदासीनता के कारण आसपास के रहिवासी जाम की पीड़ा झेल रहे हैं।
जानकारी देते हुए माकपा नेता सह कामता के पंचायत समिति सदस्य अयुब खान ने 2 फरवरी को बताया कि एनएच 22 पर टोरी जंक्शन का रेलवे क्रॉसिंग है। राहगीरों को क्रॉसिंग जाम के कारण घंटों जाम में फंसकर असहनीय पीड़ा झेलना पड़ रहा है। लंबे समय से इस समस्या पर केंद्र सरकार और झारखंड सरकार तथा एनएच विभाग की उपेक्षा के कारण प्रत्येक दिन लाखों राहगीर परेशान हैं।

टोरी फ्लाई ओवरब्रिज की मांग को लेकर माकपा और इससे जुड़े किसान आंदोलनरत हैं

उक्त फ्लाई ओवरब्रिज निर्माण की मांग लगातार किसानों द्वारा की जा रही है। इसके लिए दसको से आंदोलन चलाया जा रहा है। बावजूद इसके फ्लाई ओवरब्रिज की निर्माण शुरू नहीं की गई है। कहा कि टोरी रेलवे क्रॉसिंग 24 घंटे बंद रहती है। यह क्रॉसिंग हर बार किसी न किसी जिंदगी को खतरे में डालती है। एनएच 99 न्यु 22 अस्पताल, थाना, ब्लॉक, शहर को जोड़ती है। बावजूद इसके हर घंटे लंबा जाम, घंटों बंद गेट और जाम में फंसकर राहगीर लाचार बनकर किसी दर्द पीड़ा की तरह छटपटाते रहते हैं।

यह रेलवे फाटक जाम में फंसे एम्बुलेंस में बैठे बिमार की जिंदगी और मौत को तय करती है। घंटों फाटक बंद रहने से बिमार मरीज की मौत फाटक पर ही हो जा रही है। क्रॉसिंग जाम में फंसकर महिलाओं का प्रसव फाटक पर ही हो जाती है। जरूरतमंद समय पर अस्पताल पहुंच नहीं पाते। रेलवे क्रॉसिंग से ही उन्हें कफन ओढ़ाकर घर वापस ले जाना पड़ रहा है। फाटक जाम से कई परिवारों की जिंदगियां खत्म हो चुकी है।

खान ने कहा कि रेलवे क्रॉसिंग जाम से कुल 9 जिला रांची, गुमला, लोहरदगा, गढ़वा, पलामू, लातेहार, हजारीबाग, चतरा समेत छत्तीसगढ़ और पटना के यात्री बस व छोटी बड़ी गाड़ियां तथा लाखों राहगीर प्रभावित हैं। कहा कि देश का एकलौता टोरी जंक्शन है जहां रेलवे स्टेशन जाने और स्टेशन से बाहर निकलने का कोई वैकल्पिक रास्ता नहीं है। रेलवे विभाग की उदासीनता के कारण टोरी फुट ओवरब्रिज का कार्य अधूरा पड़ा है। फुट ब्रिज नहीं होने के कारण रेल यात्री और ग्रामीण अपनी जान जोखिम में डालकर मालगाड़ी के नीचे से रेलवे ट्रेक पार करते हैं। रेल यात्रियों की सुविधा के लिए रेलवे विभाग लापरवाह बनी है।

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