झारखंड माइंस मजदूर यूनियन का ग्रामीणों की मांग को समर्थन-बीर सिंह मुंडा
सिद्धार्थ पांडेय/चाईबासा (पश्चिम सिंहभूम)। पश्चिमी सिंहभूम जिला के हद में राजाबुरु खदान क्षेत्र में 75 प्रतिशत स्थानीय रोजगार की मांग को लेकर आसपास के 10 गांवों के मुंडा–मानकी एवं ग्रामीणों का आंदोलन जारी है। आंदोलन का नेतृत्व सारंडा पीढ़ मानकी लागुड़ा देवगम एवं छोटानागरा पंचायत के मुखिया राजू शांडिल कर रहे हैं।
आंदोलन कर रहे ग्रामीणों ने एक मार्च को स्पष्ट किया कि जब तक स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता के आधार पर रोजगार देने की लिखित गारंटी नहीं दी जाती, तब तक खदान में खनन कार्य शुरू नहीं होने दिया जाएगा। उनका आरोप है कि अब तक कोई भी विभागीय अधिकारी वार्ता के लिए स्थल पर नहीं पहुंचा है, जिससे ग्रामीणों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है।
उक्त आंदोलन को समर्थन देने के लिए एक मार्च को झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) पश्चिमी सिंहभूम जिलाध्यक्ष सोनाराम देवगम, जिला सचिव राहुल आदित्य, उपाध्यक्ष दीपक प्रधान, वीर सिंह मुंडा, अशोक दास, वृंदावन गोप एवं व्यावसायिक जिला मोर्चा अध्यक्ष प्रेमनाथ गुप्ता आंदोलन स्थल पर पहुंचे। झामुमों जिलाध्यक्ष देवगम ने कहा कि, रोजगार नहीं तो खनन नहीं। फिलहाल खदान क्षेत्र में तनावपूर्ण शांति बनी हुई है।
समाजसेवी सह वरीय झमुमों नेता नेता बीर सिंह मुंडा ने मौके पर कहा कि राजाबुरू खदान बंदी में मुण्डा मानकी और गांव के रहिवासियों के बीच उनका कोई विभाजित प्रतिक्रिया नहीं है। कहा कि वे वहां मौजूद नहीं थे। इसलिए मेरा उस विषय पर आरोप लगाना निराधार है। जबकि सेल प्रबंधन ठेका कम्पनी और ग्रामीणो के बीच वार्त्तालाप कर समाधान जल्दी करना चाहिए। स्थानीय रहिवासियों एवं विभिन्न संगठनों के बीच भ्रम की स्थिति उत्पन्न न हो।
खदान के हित में ग्रामीणो का प्रत्यक्ष एवं परोक्ष रूप से सहयोगी है। हमारा संगठन झारखंड माइंस मजदूर यूनियन ग्रामीणो की मांग के प्रति समर्थन करती हैं। मुंडा ने कहा कि झामुमो नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र वार्ता शुरू नहीं हुई तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।
![]()













Leave a Reply