ममता सिन्हा/तेनुघाट (बोकारो)। बोकारो जिला के हद में तेनुघाट व्यवहार न्यायालय के जिला जज द्वितीय अनिल कुमार ने दहेज हत्या के दोषी चतरो चट्टी थाना के खरना निवासी हुलसी देवी एवं रीता देवी को दस साल सश्रम कारावास की सजा सुनाई।
बताते चले कि हजारीबाग जिला के हद में टाटी झरिया थाना क्षेत्र के होलंग निवासी सूचक चुरामन महतो ने चतरो चट्टी थाना में 29 अक्टूबर 2019 को बयान दर्ज कराया कि उसकी बेटी ललिता कुमारी की शादी जुलाई 2019 में भागीरथ महतो के साथ हुई थी।
शादी के बाद से ही उसके ससुराल वाले दहेज के लिए उसे प्रताड़ित करते रहते थे। दर्ज प्रार्थमिकी में कहा गया कि 29 अक्टूबर 2019 को सुबह फोन के द्वारा सूचना मिली कि उसकी पुत्री की मौत हो गई है। यहां आने के बाद पाया कि उसकी बेटी का शव अंदर कमरे में जला हुआ है। जहां से मिट्टी तेल की गंध भी आ रही थी।
जिससे लगता है कि उसकी पुत्री को उसकी सास हुलसी देवी एवं सौतन रीता देवी के द्वारा किरासन तेल छिड़ककर जला कर मार दिया गया। उक्त बयान के बाद चतरो चट्टी थाना में मामला दर्ज किया गया। आरोप पत्र समर्पित करने के बाद मामला स्थानांतरित होकर तेनुघाट व्यवहार न्यायालय के जिला जज द्वितीय अनिल कुमार के न्यायालय में आया।
न्यायालय में उपलब्ध गवाह एवं उभय पक्ष के अधिवक्ता के बहस सुनने के बाद जिला जज द्वितीय अनिल कुमार ने अभियुक्त सास हुलसी देवी एवं सौतन रीता देवी को दहेज हत्या मामले में सिद्ध दोषी करार दिया।
दोषी पाने के बाद अभियुक्तो को दहेज हत्या के मामले में दस साल सश्रम कारावास की सजा सुनाई गयी। सजा सुनाने के बाद दोषी अभियुक्त को तेनुघाट जेल भेज दिया गया। अभियोजन पक्ष की ओर से अपर लोक अभियोजक विजय साहू ने बहस किया।
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