फिरोज आलम/जैनामोड़(बोकारो)(Bokaro)। हाल ही में उत्तर प्रदेश के हाथरस में एक शोषित पीड़ित बच्ची के साथ हुए दुष्कर्म एवं उसके बाद जीभ काटकर रीड की हड्डी तोड़ कर मार दिया गया जो एक जघन्य अपराध है। यह भारतीय दंड विधान 1860 की धारा 376 और 302 के अनुसार दंड या अपराध तो है ही बल्कि संविधान द्रोह अर्थात राष्ट्रद्रोह भी है। इस कृत्य के लिए झारखंड मूलवासी संघ ने दोषियों को जल्द से जल्द सजा की मांग की है।
संघ के प्रतिनिधियों ने कहा है कि इस कुकृत्य की सजा सिर्फ फांसी ही है। वर्तमान में हमारे देश में राज्य के हालातों को देखते हुए जहां बेटी पढ़ाओ बेटी बचाओ के खोखले नारों के पीछे आज देश की बहन बेटी महिलाओं पर बढ़ते अपराधों के अलावा मूलनिवासी समाज के साथ हो रहे हैं। अन्याय अत्याचार का होना अब आम हो गया है। वहीं भारतीय समाज पर कलंक जातिवादी मानसिकता और उसकी उपज सदियों से होता आ रहा है। भेदभाव की शिकार हस्पताल में समय पर कोई बेहतर उपचार न मिलना, स्थानीय प्रशासन के द्वारा घटना पर तत्काल उचित कार्यवाही नहीं करने के कारण मौत को प्राप्त हो जाती है। मूलवासी संघ के अनुसार घटना के गंभीर विश्लेषण के आधार पर यह कहना उचित होगा कि यह एक सामाजिक षड्यंत्रकारी हत्या है। हाथरस में हुई घटना से यह प्रतीत होता है कि ऐसे कुकृत्य को करने वाले लोग इंसानियत के नाम पर एक कलंक है। जिन्हें समाज में जिंदा रहने का कोई हक नहीं है। बावजूद इसके एक तरफ सरकार अभी तक कोई ठोस कदम नहीं उठा पाई है। दूसरा कुछ जातिवादी मानसिकता के संगठन इन जवानों के समर्थन में बेशर्मी के साथ खड़े होते दिख रहे हैं। जिस कारण यह प्रतीत होता है कि इस घटना के संबंधित सबूतों और गवाहों को खत्म करने का षडयंत्र करने की पूरी संभावना है। इस घटना को लेकर आज पूरा समाज सरकार ही नहीं बल्कि इसके खिलाफ देशभर के लोगों में आक्रोश है। इस घटना को लेकर मूलनिवासी संघ के तत्वाधान एवं अनेकों सामाजिक संगठन के समर्थन के साथ देशव्यापी विरोध प्रदर्शन के माध्यम से घटना की निष्पक्ष सीबीआई जांच कर अपराधियों को फांसी की सजा एवं पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग के साथ पीड़ित परिवार को जान माल की हानि की पूर्ति के लिए भी उचित व्यवस्था करने हेतु पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए हमारे द्वारा देशव्यापी आंदोलन के माध्यम से महामहिम राष्ट्रपति को जिला उपायुक्त बोकारो के माध्यम से ज्ञापन सौंपा गया। संघ को विश्वास नहीं पूरी उम्मीद है कि केंद्र सरकार समाज में न्याय दिलाने एवं सहयोग करते हुए संबंधित प्रशासन को निर्देश जारी करने की कार्रवाई करेंगे। विरोध प्रदर्शन में प्रकाश दास जिला अध्यक्ष मूलनिवासी संघ बोकारो, रंजन कुमार, सुजीत हाजरा, सपन पासवान, चंदन कुमार, वीरेंद्र कुमार, गाजू हजरा, बलीराम सिंह, ब्लू कुमारी, जिया देवी, रूबी कुमारी, चंदन कुमार, धनंजय कुमार, बैद्यनाथ गोरा, मनोज महतो, नरेश गोप, दिनेश दास आदि शामिल थे।
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