सारण जिला में आगामी 6 नवंबर को होगा विधानसभा चुनाव
अवध किशोर शर्मा/सारण (बिहार)। मुख्य चुनाव आयुक्त द्वारा 6 अक्टूबर को बिहार में विधान सभा चुनाव की घोषणा कर दी गयी है। बिहार में कुल दो चरणों में चुनाव कराया जायेगा।
विधानसभा चुनाव की घोषणा होते ही सम्पूर्ण सारण जिला में आदर्श आचार संहिता लागू हो गई है। जिला दंडाधिकारी सह समाहर्ता सारण अमन समीर ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 के तहत सम्पूर्ण जिला में 6 अक्टूबर से निषेधाज्ञा लागू कर दी है। जिले के सभी विधानसभा के चुनाव की अधिसूचना 10 अक्टूबर को जारी होगी। नॉमिनेशन 17 अक्टूबर तक होगा तथा मतदान 6 नवम्बर को संपन्न होगा।
भारत निर्वाचन आयोग द्वारा बिहार विधानसभा आम निर्वाचन को लेकर प्रेस नोट निर्गत करने के उपरांत जिला निर्वाचन पदाधिकारी सारण एवं वरीय पुलिस अधीक्षक कुमार आशीष द्वारा संयुक्त प्रेस ब्रीफ़िंग की गई। इसमें चुनाव की तिथियों के साथ -साथ आदर्श आचार संहिता के प्रभावी होने के कारण विभिन्न प्रावधानों के अनुपालन एवं विधि व्यवस्था तथा अन्य तैयारियों के संबंध में पत्रकारों को जानकारी दी गई।
प्रेस को बताया गया कि अब कोई भी व्यक्ति राजनीतिक दल या संगठन द्वारा राजनीतिक प्रयोजन से संबंधित किसी भी प्रकार की सभा, जुलूस, धरना या प्रदर्शन तथा ध्वनि विस्तारक यंत्र का प्रयोग बिना सक्षम प्राधिकार की पूर्वानुमति के नहीं किया जायेगा। इस अवधि में द बिहार कंट्रोल ऑफ द यूस एंड प्ले ऑफ लाउडस्पीकर एक्ट 1955 के अंतर्गत ध्वनि विस्तारक यंत्र का प्रयोग रात्रि 10 बजे से प्रातः 6 बजे तक वर्जित रहेगा।
इस दौरान कोई भी व्यक्ति अथवा राजनीतिक दल अथवा संगठन किसी प्रकार का पोस्टर, पर्चा, आलेख, फोटो आदि अथवा किसी व्यक्ति विशेष के विरुद्ध आपत्तिजनक पर्चा, आलेख, फोटो आदि का प्रकाशन नहीं करेंगे, जिससे आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन होता हो। यह आदेश सभी प्रकार के सोशल मीडिया माध्यमों के लिए भी लागू रहेगा।
कहा गया कि कोई भी व्यक्ति किसी धार्मिक स्थल का उपयोग राजनीतिक प्रचार के लिये नहीं करेंगे एवं साम्प्रदायिक भावना को भड़काने का कार्य नहीं करेंगे। भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 में परिभाषित किसी भी अपराध करने तथा शांति भंग करने के उद्देश्य से पांच या उससे अधिक व्यक्ति किसी भी स्थान पर एकत्रित नहीं होंगे। कोई भी व्यक्ति आग्नेयास्त्र, तीर-धनुष, लाठी, भाला, गंड़ासा, ईंट-पत्थर एवं मानव शरीर के लिए घातक कोई भी हथियार लेकर नहीं चलेंगे।
यह आदेश परम्परागत ढंग से शस्त्र धारण करने वाले समुदाय पर विधि-व्यवस्था एवं निर्वाचन कार्य पर लगे दंडाधिकारी/निर्वाचन कर्मियों और पुलिस कर्मियों पर लागू नहीं होगा। यह आदेश निर्दिष्ट स्थान पर शस्त्र अनुज्ञप्तिधारियों द्वारा शस्त्र निरीक्षण कराने एवं शस्त्र जमा करने के लिए शस्त्र ले जाने वाले अनुज्ञप्तिधारियों पर शिथिल रहेगा।कोई व्यक्ति मतदाताओं को डराने, धमकाने एवं किसी भी प्रलोभन में लाने का कार्य नहीं करेंगे। किसी भी राजनैतिक, गैर राजनैतिक सभा, जुलूस, धरना या प्रदर्शन में किसी भी प्रकार के हथियार यथा आग्नेयास्त्र, तीर-धनुष, लाठी-भाला, गड़ासा का प्रदर्शन नहीं किया जायेगा।
कहा गया कि निर्वाचन आयोग द्वारा आदर्श आचार संहिता संबंधी समय-समय पर दिये गये निर्देशों का उल्लघंन नहीं करेंगे। यह आदेश पूर्व अनुमति प्राप्त सभा/जुलूस/शादी/बारात पार्टी/शव-यात्रा/हाट बाजार/कर्त्तव्य पर तैनात सरकारी कर्मचारी एवं पुलिस दल पर लागू नहीं होगा। इसके साथ ही आज से चुनावी कार्यक्रम प्रारंभ हो गया है। इस अवधि के दौरान विभिन्न राजनीतिक दलों तथा प्रत्याशियों द्वारा चुनाव प्रचार के लिए जन सभा, जुलूसों का आयोजन किया जाएगा। जन सभाओं एवं जुलूसों में राजनीतिक प्रतिद्वन्द्विता एवं प्रतिस्पर्धा के कारण शस्त्र एवं शक्ति प्रदर्शन कर मतदाताओं को प्रभावित एवं आतंकित किये जाने की संभावना रहती है।
इसके अतिरिक्त मतदाताओं को हराने, धमकाने, जातीय, साम्प्रदायिक तथा धार्मिक विद्वेष की भावना फैलाने एवं आवांछित तत्वों के सक्रिय होने के कारण विधि-व्यवस्था की समस्या उत्पन्न हो सकती है, जिसके कारण लोक शान्ति भंग हो सकती है। साथ हीं लोक सुरक्षा पर इसका प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। इसी के परिपेक्ष्य में उपरोक्त आदेश जारी किया गया है।
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