अवध किशोर शर्मा/सारण (बिहार)। सारण जिला के हद में सोनपुर के आरजेडी विधायक डॉ रामानुज प्रसाद के नेतृत्व में एक प्रतिनिधि मंडल ने 31 जुलाई को सोनपुर रेल मंडल प्रबंधक (डीआरएम) विवेक भूषण सूद से भेंट की। डीआरएम से मिलकर विधायक ने सोनपुर रेल मंडल के नौ स्टेशनों को यथावत सोनपुर मंडल में ही रखने की मांग से संबंधित ज्ञापन सौंपा।
डीआरएम को सौंपे गये मांग पत्र में विधायक डॉ रामानुज ने कहा है कि सोनपुर रेल मंडल के नौ स्टेशनों को समस्तीपुर रेल मंडल में शामिल करने से सोनपुर मंडल का अहित होगा। कहा है कि इसका प्रमुख स्टेशन मुजफ्फरपुर है जो सोनपुर मंडल का सबसे ज्यादा कमाई वाला स्टेशन है। अगर इसे समस्तीपुर मंडल में शामिल किया जायेगा तो सोनपुर मंडल में अब कोई प्रमुख कमाई वाला स्टेशन नहीं बचेगा। जिससे सोनपुर मंडल का अस्तित्व खतरे में पड़ जाएगा।
पत्र में कहा गया है कि पहले से ही समस्तीपुर रेल मंडल का सीमा क्षेत्र सोनपुर रेल मंडल से तीन गुना है। सोनपुर मंडल से नौ स्टेशनों को समस्तीपुर मंडल में शामिल करने पर सोनपुर मंडल अंतर्गत मात्र 95 स्टेशन एवं 416 किलोमीटर ट्रैक रह जाएगा। जबकि, समस्तीपुर मंडल में 215 स्टेशन एवं 1206 किलोमिटर ट्रैक हो जाएगा। कहा गया है कि पहले से ही सोनपुर स्टेशन पर दर्जनों रेल गाड़ियों का ठहराव बंद कर दिया गया है। जिससे सोनपुर स्टेशन की पहचान एवं महत्ता में भारी गिरावट आई है।

इस तरह सोनपुर मंडल के सीमा क्षेत्र में कटौती यह दर्शाता है कि सोनपुर मंडल को ही समाप्त कर दूसरे मंडल में शामिल करा लिया जाएगा। सोनपुर मंडल केवल टर्न ओवर के लिए ही नहीं, बल्कि अगल-बगल के इलाके के लिए भी रोजगार के साधन के लिए जाना जाता है। सोनपुर में रेलवे के अलावा कोई कल- कारखाना नहीं है। जहां स्थानीय रहिवासियों को रोजगार मिल सके। रेलवे ही रोजगार का एक वृहत साधन है।
विधायक ने उपरोक्त बातों की ओर रेल प्रशासन का ध्यान आकृष्ट कराते हुए कहा है कि उपरोक्त वर्णित तथ्यों को ध्यान में रखते हुए सोनपुर मंडल के नौ स्टेशनों को समस्तीपुर मंडल में शामिल करने के प्रस्ताव को तत्काल वापस लेने के लिए आवश्यक कार्रवाई करना चाहेंगे। प्रतिनिधिमंडल में विधायक के साथ जितेन्द्र सिंह, तरुण कुमार, कौशिक कुमार सिंह, अर्जुन कुमार, दीपक कुमार, सत्येन्द्र कुमार आदि शामिल थे।
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