किसानों के सशक्तिकरण से ही राज्य का भविष्य सुरक्षित-योगेंद्र प्रसाद
रंजन वर्मा/कसमार (बोकारो)। बोकारो जिला के हद में कसमार प्रखंड के मधुकरपुर में 31 जनवरी को कृषि विभाग द्वारा आयोजित किसान मेला सह कृषि प्रदर्शनी का भव्य आयोजन किया गया।
कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन राज्य के पेयजल एवं स्वच्छता तथा उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग के मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने दीप प्रज्वलन कर किया। इस अवसर पर किसानों की भारी उपस्थिति यह दर्शा रही थी कि राज्य सरकार की नीतियों को लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में भरोसा लगातार मजबूत हो रहा है।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकता किसान, गरीब और ग्रामीण समाज है। किसानों को केवल योजनाओं तक सीमित नहीं रखा जा सकता, बल्कि उन्हें सम्मान, सुरक्षा और स्थायी आमदनी देना सरकार की जिम्मेदारी है।
उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार किसानों के हितों के साथ कोई समझौता नहीं करेगी और कृषि को लाभकारी पेशा बनाने के लिए नीतिगत स्तर पर ठोस निर्णय लिए जा रहे हैं।
मंत्री ने कहा कि किसान मेला जैसे आयोजन सरकार और किसानों के बीच सीधा संवाद स्थापित करने का माध्यम हैं, जिससे नीतियों का लाभ जमीनी स्तर तक पहुंचे।
प्रखंड प्रमुख नियोती कुमारी ने कहा कि राज्य सरकार की किसानोन्मुख नीतियों का असर अब गांव-गांव तक दिखाई देने लगा है।
किसान मेले के माध्यम से किसानों को योजनाओं की जानकारी मिल रही है और वे सरकार की मंशा को समझ पा रहे हैं। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारी है कि वे सरकार की योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाएं और किसानों की आवाज़ को मजबूती से शासन तक रखें।
प्रखंड विकास पदाधिकारी नम्रता जोशी ने कहा कि सरकार की मंशा है कि कृषि केवल जीविका नहीं, बल्कि सम्मानजनक आजीविका बने। उन्होंने बताया कि प्रशासनिक स्तर पर योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता लाई जा रही है, ताकि किसानों को बिचौलियों पर निर्भर न रहना पड़े। बीडीओ ने कहा कि किसान मेले के माध्यम से प्रशासन सीधे किसानों से जुड़कर उनकी समस्याओं को समझ रहा है।
अंचल अधिकारी नरेंद्र कुमार सिंह ने कहा कि राज्य सरकार किसानों को अधिकार और सुविधा दोनों देने के पक्ष में है। भूमि, सिंचाई और दस्तावेज संबंधी समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मजबूत प्रशासनिक व्यवस्था के बिना किसानों का विकास संभव नहीं है और सरकार इस दिशा में गंभीरता से कार्य कर रही है।
किसान मेला में कृषि विभाग द्वारा लगाए गए स्टॉलों के माध्यम से उन्नत बीज, जैविक खेती, आधुनिक कृषि यंत्र, सिंचाई तकनीक और सरकारी योजनाओं की जानकारी दी गई। विशेषज्ञों ने किसानों को कम लागत में अधिक उत्पादन की तकनीकों से अवगत कराया।
कार्यक्रम के अंत में यह संदेश स्पष्ट रूप से उभरकर सामने आया कि राज्य सरकार किसानों के साथ खड़ी है और आने वाले समय में कृषि क्षेत्र को और अधिक सशक्त करने के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे। किसानों में सरकार की नीतियों को लेकर उत्साह और भरोसा देखने को मिला।
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