
कृषि के आधारभूत संरचनाओं को दुरूस्त कर रही है सरकार-कृषि मंत्री
उन्नत कृषक और आधुनिक खेती सरकार का लक्ष्य-उपायुक्त
एस.पी.सक्सेना/देवघर(झारखंड)। देवघर जिला (Deoghar district) के हद में सारवां प्रखंड अंतर्गत एक दिवसीय किसान मेला सह कृषि प्रदर्शनी कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन 5 जनवरी को दीप प्रज्जवलित कर कृषि,पशुपालन एवं सहकारिता मंत्री बादल पत्रलेख, उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री (Deputy commissioner Manjunath Bhajantri) व जनप्रतिनिधियों द्वारा संयुक्त रूप से किया गया।
इस अवसर पर उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए कृषि मंत्री ने कहा कि किसानों के हित में सरकार लगातार बेहतर कदम उठा रही है। इस उद्देश्य से किसानों के हित में उनके आधारभूत संरचनाओं को ठीक करने के उद्देश्य से कृषि से संबंधित विभिन्न योजनाओं का लाभ दिया जा रहा है। किसानों की आय बढ़ाने के लिए सरकार लगातार प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि किसानों को लाभान्वित व जागरूक करने के लिए लगातार ऐसे कार्यक्रमों का आयोजन राज्य भर में किया जा रहा है। उन्होंने कृषि विभाग से संबंधित विभिन्न योजनाओं की जानकारी के साथ कृषकों से अपनी जरूरत के हिसाब से योजनाओं के लाभ लेने की बात कही। मंत्री ने कहा कि झारखंड सरकार ने करीब 9 लाख किसानों के 50000 रुपये तक की कर्ज राशि माफ करने का फैसला किया है। इसके लिए वर्तमान वित्तीय वर्ष में बजटीय आवंटन के अनुरूप दो हजार करोड़ रुपये खर्च किये जायेंगे।
मंत्री ने कहा कि सरकार ने सबसे पहले छोटे किसानों को कर्ज माफी का लाभ देने का फैसला लिया है। आगे दूसरे और तीसरे चरणों में एक लाख रुपये और दो लाख रुपये तक के ऋण लेने वाले किसानों के भी कर्ज माफ करने का प्रयास किया जाएगा। इसके लिए मंत्रिमंडल ने किसानों की ऋण माफी के लिए 2,000 करोड़ रुपये के आवंटन को स्वीकृति भी प्रदान कर दी है। इस राशि से राज्य के सभी किसानों एवं मजदूरों के किसी भी बैंक से लिये गये 50 हजार रुपये तक के कृषि ऋण माफ किए जाएंगे।
कार्यक्रम के दौरान उपायुक्त मंजुनाथ भजंत्री ने कृषकों को संबोधित करते हुए कहा कि वर्तमान में परंपरागत खेती के साथ आधुनिक तकनीकों का उपयोग अवश्य करें। सरकार किसानों की सुविधा के लिए विभिन्न योजनाओं के साथ लगातार बेहतर कदम उठा रही है। उन्होंने किसानों से अपील करते हुए कहा कि किसी भी बिचौलियों के चक्कर में न पड़े। सीधे पैक्स में अपना धान को दें। आपके हक का भुगतान आपको अवश्य किया जायेगा। धान अधिप्राप्ति को लेकर किसी भी प्रकार की समस्या होने पर जिला सहकारिता कार्यालय, जिला आपूर्ति कार्यालय व अंचल कार्यालय में संपर्क कर सकते हैं। उपायुक्त द्वारा जानकारी दी गई कि झारखंड सरकार ने सरकार गठन के एक वर्ष पूरे होने के पूर्व हुई कैबिनेट की बैठक में किसानों की ऋण माफी के लिए 2000 करोड़ के आवंटन को स्वीकृति प्रदान कर दी है। इस राशि से राज्य के सभी रैयत और गैर रैयत के 50 हजार रुपये तक के कृषि ऋण माफ होंगे। चाहे वह किसी भी बैंक से लिया गया हो। उपायुक्त के अनुसार बीते 31 मार्च 2020 तक ऋण लेनेवाले किसान ही इसके दायरे में आएंगे। साथ ही एक परिवार से एक ही व्यक्ति को इसका लाभ मिल सकता है। इसके एवज में आवेदन देनेवाले किसानों से एक रुपये सेवा शुल्क के तौर पर लिया जाएगा।
*उन्नत कृषकों को माननीय मंत्री द्वारा किया गया पुरस्कृत*
कृषि मेला-सह-कृषि प्रदर्शनी को लेकर किसानों के द्वारा लगाये गये प्रादर्श का निबंधन पूर्वाह्न 8 बजे से 11 बजे तक सारवां प्रखंड कार्यालय परिसर में किया गया। जिसके पश्चात निर्धारित चयन समिति द्वारा सब्जी, फल, फूल एवं विभिन्न फसलों की प्रदर्शनी में लगे फसलों की गुणवता व निर्धारित मापदण्ड को देखते हुए कृषि मंत्री द्वारा उन्नत कृषकों को पारितोषिक एवं प्रशंसा पत्र दिया गया। कृषि मेला सह कृषि प्रदर्शनी में कृषि एवं संबंधित विभागों द्वारा 12 से अधिक स्टाॅल कृषकों की सुविधा हेतु लगाये गए थे। इस दौरान कृषि मंत्री बादल पत्रलेख ने प्रदर्शनी का निरीक्षण कर कृषकों को बेहतर खेती व बेहतर उपज हेतु ढ़ेर सारी शुभकामनाएं व बधाई दी।
*उन्नत कृषकों द्वारा कृषि मेले में लगायी गयी प्रदर्शनी की विवरणी निम्न प्रकार है:-वर्ग क-फसल- 1. गैंहुॅ का दो पौधा, 2. सरसों का दो पौधा, 3. अरहर का दो पौधा, 4. मटर का दो पौधा, 5. चना का दो पौधा, 6. मसूर का दो पौधा तथा 7. ईख का दो पौधा।
वर्ग ख-सब्जी- 1. बंदा गोभी दो पीस, 2. फूलगोभी दो पीस, 3. आलू पांच पीस, 4. बैगन पांच पीस, 5. मूली पांच पीस, 6. कोहड़ा एक पीस, 7. टमाटर पांच पीस, 8. कद्दू दो पीस, 9. ओल दो पीस, 10. प्याज पांच पीस पौधा, 11. मिर्च के दो पौधे, 12. राजमा पौधा सहित, 13. ब्रोकली दो पीस, 14. बीट दो पीस पौधा सहित, 15. गाजर चार पीस पौधा सहित, 16. शिमला मिर्च दो पीस पौधा सहित, 17. मशरूम पैकेट फलन सहित, 18. अन्य कोई भी सब्जी दो की संख्या में।
वर्ग-ग-फल- 1. पपीता दो पीस, 2. अमरूद चार पीस, 3. नींबू चार पीस, 5. बेल दो पीस, 6. केला छः पीस, 7. अन्य फल दो की संख्या में।
वर्ग-घ-फूल-1. गेंदा फूल दो पौधा सहित, 2. गुलाब फूल दो पौधा सहित, 3. अन्य कोई फूल का पौधा दो अथवा औषधीय पौधा दो की संख्या में।
कार्यक्रम के दौरान कृषकों के बीच मंत्री द्वारा निम्न परिसम्पितियों का वितरण किया गया:-कृषि विभाग/आत्मा
BGREI योजना के तहत 7 लाभुकों को पम्पसेट, NFSM-PULSE योजना के तहत 2 लाभुकों के बीच Sprayer, ATMA योजना कृषक पाठशाला के तहत 2 लाभुकों, Soil Health Card के 5 लाभुकों के बीच के अलावा 27 किसानों के बीच केसीसी ऋण वितरण किया गया। साथ ही 11 लाभुकों के बीच जॉब कार्ड, दीदी बाड़ी योजना के तहत 5 लाभुकों, वेद व्यास मछुआ आवास योजना के तहत 4 आवास, मत्स्य कृषकों के बीच 1 ऑटो और 1 टोटो वाहन, 11 लाभुको को विधवा पेंशन, दिव्यांग के बीच व्हील चेयर, 22 आदिम जनजाति, 95 एकड़ में आम बागवानी, आपदा प्रबंधन के द्वारा वज्रपात से मृत 3 परिवारों के बीच 4-4 लाख रुपये का लाभ के अलावा गव्य विकास द्वारा 30-30 हजार ( पूर्व में दी गई गाय की मृत्यु के पश्चात) की राशि 4 लाभुकों के बीच वितरित की गई।
कार्यक्रम के दौरान दुर्घटना ग्रसित 10730 लाभुकों के बीच 90 लाख रूपया का वितरण किया गया। शेष बचे लाभुकों को प्रखंड स्तर से योजनाओं का लाभ दिया जायेगा। कार्यक्रम के दौरान मंत्री बादल पत्रलेख, उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री, उपस्थित जनप्रतिनिधियों व वरीय अधिकारियों द्वारा किसान मेला सह कृषि प्रदर्शनी कार्यक्रम में लगाये गये स्टाॅल का निरीक्षण कर लाभुकों को दी जाने वाली सुविधाओं व योजनाओं का लाभ से जुड़े जानकारियों से अवगत हुए। साथ ही कृषकों के बीच योजनाओं का व्यापक प्रचार प्रसार करने का निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिया, ताकि ज्यादा से ज्यादा योजना का लाभ कृषक मित्र ले सके। शिविर में संयुक्त कृषि निदेशक, जिला कृषि पदाधिकारी, जिला गव्य विकास पदाधिकारी, जिला मत्स्य पदाधिकारी, जिला उद्यान पदाधिकारी, भूमि संरक्षण पदाधिकारी, संबंधित प्रखंडों के प्रखंड विकास पदाधिकारी, केवीके सुजानी, आत्मा, देवघर से संबंधित अधिकारी, कर्मी व जनप्रतिनिधि आदि उपस्थित थे।
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