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पलायन की भेंट चढा छोटकी सिधाबारा का प्रवासी मजदूर

प्रहरी संवाददाता/गोमियां (बोकारो)। मुम्बई के खारकोपर में पलायन के भेंट चढ़ गया छोटकी सिधाबारा का 22 वर्षीय प्रवासी मजदूर। समाजसेवी ने शोक संवेदन व्यक्त किया है।

जानकारी के अनुसार गोमियां प्रखंड के हद में छोटकी सिधाबारा के मजदूर की मुम्बई के खारकोपर में बीते एक दिसंबर की रात मौत हो गयी। मृतक की पहचान छोटकी सिधाबारा निवासी भरत महतो के 22 वर्षीय पुत्र अमिंद्र महतो के रूप में हुई है। घटना के कारणों के बारे में अभी तक कोई पूरी जानकारी नहीं मिल सकी है। मृतक अमिंद्र महतो मुम्बई में केएन घारक में हाइवा ट्रक चालक था।

इस घटना को लेकर प्रवासी मजदूरों के हित में कार्य करने वाले समाजसेवी सिकन्दर अली ने संवेदना प्रकट करते हुए कहा कि झारखंड के नौजवानों के मौत के मुंह में समाने की यह पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी कई प्रवासी मजदूरों की मौत हो चुकी है।
अली ने कहा कि परिवार के भरण पोषण के लिए परदेस गये प्रवासी झारखंडी मजदूरों के मौत का सिलसिला जारी है।

हर रोज झारखंड के किसी न किसी इलाके से प्रवासी मजदूर की दूसरे राज्यों या विदेश में मौत और फंसे होने की खबरें आ रही है। प्रवासी मजदूरों की सबसे ज्यादा तादाद गिरिडीह, हजारीबाग और बोकारो जिले से रोजी कमाने गये मजदूरों की है। उन्होंने कहा कि अभी सऊदी अरब में पांच मजदूर जो फंसे हुए है, उन्हें आठ महीने से वेतन नही दिया गया है।

कहा कि आज हमारे क्षेत्र के पढे लिखे नौजवान अपना घर छोड़कर परदेस गये। इनकी जिंदगी तो कष्ट में बीतती ही है, मौत के बाद भी उनकी रूह को चैन नसीब नहीं होता है। किसी का शव हफ्ते भर बाद आता है, तो किसी को 3 महीने भी लग जाते हैं। ऐसे में सरकार को राज्य मर रोज़गार की ऐसी व्यवस्था करनी चाहिए, ताकि मजदूरो का पलायन रोका जा सके।

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